लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी है, वहीं कई इलाकों में यही बारिश अब आफत का सबब बन चुकी है। गुरुवार को सूबे के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और आसमानी बिजली से जुड़े हादसों में 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बिजली गिरने और दीवार ढहने जैसी घटनाओं से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई शहरों में सड़कें समंदर बन चुकी हैं और संपर्क मार्ग टूटने से यातायात ठप है।
इस बीच, मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम के इस तल्ख तेवर को देखते हुए कई जिला प्रशासनों ने एहतियात के तौर पर नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है।
कुदरत का कहर: हादसों में गई 14 की जान
गुरुवार को आई इस मानसूनी आफत में सबसे ज्यादा नुकसान पूर्वांचल के जिलों में हुआ है। गोरखपुर और बस्ती मंडल में आसमानी बिजली (वज्रपात) गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई, जिससे ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया। वहीं, बुलंदशहर में भारी बारिश के चलते एक जर्जर दीवार ढह जाने से मलबे में दबकर 2 लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा अन्य जिलों में भी जलभराव और करंट लगने जैसी विभिन्न दुर्घटनाओं में लोगों के हताहत होने की खबरें हैं।
इन जिलों में स्कूल बंद, घरों में रहने की सलाह
भारी बारिश की चेतावनी और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारियों (DM) ने स्कूलों में तत्काल प्रभाव से अवकाश घोषित कर दिया है। वर्तमान में जिन जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं, उनकी सूची इस प्रकार है:
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मेरठ: कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद।
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गाजियाबाद: नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूल बंद।
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मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर और कासगंज: इन सभी जिलों में नर्सरी से 12वीं तक के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी: 46 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी की है। कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत इसके आसपास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, यानी यहां अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
वहीं, राजधानी लखनऊ समेत आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, गोंडा, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा और औरैया के लिए येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
बिजनौर में टूटा 74 साल का रिकॉर्ड, बाढ़ जैसे हालात
बीते 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। बिजनौर के नजीबाबाद में अकेले 306 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिसने साल 1952 के बाद (तीसरी सबसे ज्यादा बारिश) का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसके अलावा एटा में 222 मिमी, संभल में 204 मिमी, ताजनगरी आगरा में 146 मिमी, महाराजगंज में 104 मिमी और सिद्धार्थनगर में 78.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस मूसलाधार बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अलीगढ़, मेरठ और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 7 से 9 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है, जिससे मौसम में अच्छी ठंडक आ गई है।
नवाबों के शहर लखनऊ में भी मूसलाधार बौछारें, 13 जुलाई तक अलर्ट
राजधानी लखनऊ में भी गुरुवार दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छा गए और झमाझम मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। शहर में करीब 27.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण उत्तर प्रदेश में मानसून की ट्रफ लाइन पूरी तरह सक्रिय है। आगामी 13 जुलाई तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहने की पूरी संभावना है।
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