Sunday , 25 October 2026

UP Police: पुलिस मृतक आश्रित कोटे की भर्ती में बड़ा बदलाव! उम्र के हिसाब से मिलेगा दौड़ में अतिरिक्त समय, योगी सरकार की मंजूरी का इंतजार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग के मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी की राह देख रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश की योगी सरकार मृतक आश्रित भर्ती प्रक्रिया के नियमों को बेहद सरल और व्यावहारिक बनाने जा रही है। डीजीपी राजीव कृष्णा ने अभ्यर्थियों की उम्र के आधार पर शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) में अतिरिक्त समय देने से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। गृह विभाग जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में पेश करेगा, जहां से अंतिम मुहर लगते ही नए नियम प्रभावी हो जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुकंपा नियुक्ति में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए नियमों को शिथिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।

गृह विभाग को भेजा गया प्रस्ताव, भर्ती बोर्ड भी दे चुका है सहमति

उच्च पदस्थ प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, डीजीपी ने अपर मुख्य सचिव (गृह) को जो आधिकारिक प्रस्ताव सौंपा है, उसमें अर्हकारी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में समय सीमा बढ़ाने की पुरजोर सिफारिश की गई है। इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने भी शारीरिक मानकों में संशोधन का मसौदा शासन को उपलब्ध कराया था। दोनों स्तरों से हरी झंडी मिलने के बाद अब फाइल कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी के लिए आगे बढ़ा दी गई है।

अधिक उम्र में दौड़ना बन रहा था रुकावट, स्वास्थ्य जोखिम का था खतरा

वर्तमान नियमों के तहत मृतक आश्रित कोटे में आवेदन करने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा तय नहीं है, जिससे 60 वर्ष से कम उम्र के आश्रित भी आवेदन के पात्र होते हैं। वहीं, सीधी भर्ती में दारोगा (एसआई) और समकक्ष पदों के लिए अधिकतम आयु 33 वर्ष तथा सिपाही (आरक्षी) के लिए 27 वर्ष निर्धारित है। सेवाकाल के दौरान किसी पुलिसकर्मी के असामयिक निधन पर कई बार आश्रित परिजन की उम्र 45 से 50 वर्ष या उससे भी अधिक हो जाती है। इस उम्र में नियमित अभ्यास न होने के कारण ज्यादातर अभ्यर्थी निर्धारित समय में दौड़ पूरी नहीं कर पाते और बाहर हो जाते हैं। कई अभ्यर्थी बीच में ही हिम्मत हार जाते हैं, जबकि कुछ को दौड़ के दौरान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और दिल के दौरे जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ता है। इससे अनुकंपा नियुक्ति का मूल उद्देश्य ही निष्प्रभावी हो रहा था।

उम्र के स्लैब के अनुसार तय होगी दौड़ की नई समयसीमा

मौजूदा समय में उपनिरीक्षक (एसआई), सहायक परिचालक, आरक्षी और चतुर्थ श्रेणी पदों की सीधी भर्ती में पुरुष अभ्यर्थियों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 से 28 मिनट में और महिला अभ्यर्थियों को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 14 से 16 मिनट में पूरी करनी होती है। अब तक यही कड़े मानक हर उम्र के मृतक आश्रितों पर भी लागू थे। नए प्रस्ताव में आयु वर्ग के हिसाब से अतिरिक्त समय देने की व्यवस्था की गई है, जिस पर कैबिनेट की मोहर लगते ही शासनादेश जारी होगा।

प्रस्तावित समयसीमा: उपनिरीक्षक व समकक्ष पद

  • 33 वर्ष तक: पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 30 मिनट, महिला अभ्यर्थियों के लिए 20 मिनट

  • 33 से 43 वर्ष: पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 40 मिनट, महिला अभ्यर्थियों के लिए 30 मिनट

  • 43 वर्ष से अधिक: पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 50 मिनट, महिला अभ्यर्थियों के लिए 40 मिनट

प्रस्तावित समयसीमा: आरक्षी व समकक्ष पद

  • 27 वर्ष तक: पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 30 मिनट, महिला अभ्यर्थियों के लिए 20 मिनट

  • 27 से 43 वर्ष: पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 40 मिनट, महिला अभ्यर्थियों के लिए 30 मिनट

  • 43 वर्ष से अधिक: पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 50 मिनट, महिला अभ्यर्थियों के लिए 40 मिनट

 

Check Also

‘सत्ता के स्वार्थ में देश को अराजकता की भट्टी में झोंक रहीं कुछ ताकतें’: सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- ‘विकसित भारत’ की रीढ़ बना यूपी

ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक परिदृश्य और घरेलू राजनीति के …