Monday , 2 November 2026

यूपी चुनाव 2027: बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में ‘नीतीश मॉडल’ लागू करने की तैयारी, वाराणसी सम्मेलन में जेडीयू का बड़ा ऐलान, सीटों पर मंथन जारी

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पड़ोसी राज्यों के राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। इसी क्रम में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला कदम जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की रोहनिया विधानसभा स्थित कोरौता बाजार में जेडीयू ने एक विशाल राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन के मंच से पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया कि जेडीयू 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में पूरी मजबूती के साथ ताल ठोकेगी।

एनडीए के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी जेडीयू, सीटों पर मंथन जारी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने साफ किया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी रणनीति पर शीर्ष नेतृत्व गंभीरता से विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि नेताओं के साथ सीट बंटवारे को लेकर गहन मंथन जारी है और जल्द ही सीटों की संख्या और क्षेत्रों पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता निशांत कुमार ने गठबंधन के गणित पर जोर देते हुए कहा कि जब जेडीयू दिल्ली और बिहार में एनडीए की प्रमुख साझेदार है, तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं हो सकती? उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी 2002 और 2007 में भी यूपी में सक्रिय थी और 2027 में भी एनडीए के घटक दल के रूप में ही चुनावी दंगल में उतरेगी।

यूपी में ‘नीतीश मॉडल’ से तेज विकास का दावा

सम्मेलन के दौरान जेडीयू नेताओं ने बिहार के विकास मॉडल की जमकर पैरवी की। निशांत कुमार ने कहा कि बिहार में शिक्षा, रोजगार के अवसर और शराबबंदी के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुए हैं, और इसी सफल ‘नीतीश मॉडल’ की दरकार आज उत्तर प्रदेश को भी है। उन्होंने घोषणा की कि वे अब लगातार उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे और जनता के बीच संगठन को मजबूत करेंगे। संजय झा ने भी कहा कि यदि बिहार जैसे राज्य में सुशासन और विकास का चमत्कार संभव हो सकता है, तो यूपी में भी इस मॉडल के सहारे विकास की गति को और कई गुना तेज किया जा सकता है।

मंच पर उड़े 500-500 के नोट, चर्चा का विषय बना वाकया

कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान एक अजीबोगरीब वाकया भी देखने को मिला, जिसकी अब राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। सम्मेलन के दौरान मंच पर 500-500 रुपये के नोट उड़ाए गए। जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय जेडीयू के यूपी प्रभारी और बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार मंच पर मौजूद थे। हालांकि, उस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और निशांत कुमार मंच पर उपस्थित नहीं थे। नोट उड़ाने का यह दृश्य कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच आकर्षण और कौतूहल का केंद्र बना रहा।

दर्जनों नेताओं ने थामा तीर, पूर्वांचल से संगठन विस्तार की शुरुआत

इस राज्य स्तरीय सम्मेलन में पूरे उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यक्रम में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, यूपी प्रभारी श्रवण कुमार और बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान समेत कई दिग्गज नेता मंच पर मौजूद रहे। इस अवसर पर विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई दर्जन स्थानीय नेताओं ने जेडीयू का दामन थामा। पार्टी नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए दावा किया कि पूर्वांचल से शुरू हुआ यह जनसंपर्क अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में पार्टी को नई ऊर्जा देगा।

 

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