Friday , 30 October 2026

UP ATS Arrests Kanpur Youth: 5 लाख फर्जी ई-मेल का इंटरनेशनल नेटवर्क बेनकाब, दिलजीत के शो और स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला अरेस्ट

लखनऊ / कानपुर।  उत्तर प्रदेश एटीएस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले एक बड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए कानपुर नगर से 24 वर्षीय अंकित शंखवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी ई-मेल आईडी तैयार कर उन्हें पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्किये और मिस्र समेत कई देशों में बैठे तत्वों को बेचता था। जांच में खुलासा हुआ है कि इन्हीं फर्जी ई-मेल आईडी के जरिए दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गुरुग्राम और मुंबई के कई प्रमुख स्कूलों, महत्वपूर्ण संस्थानों, मशहूर सिंगर दिलजीत दोसांझ के लाइव कॉन्सर्ट और एक चर्चित बॉलीवुड अभिनेता के आवास को बम से उड़ाने की धमकियां भेजी गई थीं।

पाकिस्तान और बांग्लादेश के सिंडिकेट से जुड़े तार

एटीएस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी साल 2021 से इस अवैध धंधे में लिप्त था। वह वाई-फाई और प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए अपनी डिजिटल पहचान छिपाकर फर्जी ई-मेल बनाता था और फेसबुक ग्रुप्स के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से संपर्क करता था।

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने बांग्लादेशी नागरिक अलामीन इस्लाम को बड़ी संख्या में फर्जी आईडी बेची थीं, जिसके बदले उसे 6 हजार यूएसडीटी (USDT) का भुगतान मिला। आरोपी के मोबाइल से विदेशी नंबरों पर संचालित व्हाट्सऐप चैट और बड़े पैमाने पर क्रिप्टो लेन-देन के रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं।

खालिस्तानी संगठनों के नाम पर दी गई थीं धमकियां

नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम के स्कूलों को जिन आईडी से धमकियां भेजी गई थीं, उनमें ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ और ‘बब्बर खालसा’ जैसे प्रतिबंधित संगठनों के नाम का इस्तेमाल किया गया था। जांच के दौरान वे सभी संदिग्ध ई-मेल आईडी अंकित के लैपटॉप और मोबाइल में सक्रिय पाई गईं। इसके अलावा 23 अक्टूबर को मुंबई के मेयर कार्यालय को मिली बम विस्फोट की धमकी और 12 अक्टूबर को नोएडा के स्कूलों को मिले धमकी भरे ई-मेल में भी आरोपी द्वारा बेची गई आईडी का ही इस्तेमाल हुआ था।

लैपटॉप में 5 लाख ई-मेल का डेटा और क्रिप्टो वॉलेट का खुलासा

गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से बरामद लैपटॉप की एक्सेल फाइलों में करीब 5 लाख फर्जी ई-मेल आईडी का डेटाबेस मिला है। इनमें ई-मेल आईडी के साथ-साथ उनके पासवर्ड, रिकवरी मेल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) की पूरी जानकारी व्यवस्थित तरीके से दर्ज थी।

आरोपी इस अवैध काम के बदले बाइनेंस क्रिप्टो वॉलेट के जरिए यूएसडीटी में भुगतान लेता था। यूपी एटीएस ने लखनऊ स्थित एटीएस थाने में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और नेटवर्क में शामिल अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान के लिए आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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