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शोरूम से 1.62 लाख का आईफोन चुराते पकड़े गए दो सिपाही, CCTV ने खोली पोल तो SP ने किया सस्पेंड

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जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां लाइन बाजार थाना क्षेत्र के जेसीज चौराहे पर स्थित एक नामी मोबाइल शोरूम में दो सिपाहियों ने बड़ी ही चालाकी से सवा लाख से ज्यादा कीमत का आईफोन (iPhone) पार कर दिया। पुलिसकर्मियों की यह ‘डिजिटल चोरी’ शोरूम में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, जिसके बाद एसपी सिटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को निलंबित कर दिया है।

आईफोन 13 रखा और 15 प्रो मैक्स लेकर रफूचक्कर हुए सिपाही

घटना शनिवार की है, जब शिवम इंटरप्राइजेज नामक मोबाइल शोरूम में दो सिपाही ग्राहक बनकर दाखिल हुए। शोरूम के मालिक शिवम के मुताबिक, आरोपी सिपाही धनंजय बिंद और मिथिलेश यादव करीब 20 मिनट तक दुकान में अलग-अलग मॉडल देखते रहे। उनके पास पहले से एक पुराना आईफोन 13 प्रो था। सिपाहियों ने शातिर दिमाग लगाते हुए अपना पुराना फोन काउंटर पर रखा और मौका मिलते ही 1 लाख 62 हजार रुपये की कीमत वाला चमचमाता iPhone 15 Pro Max उठाकर जेब में रख लिया।

लाइब्रेरी कनेक्शन से की थी शोरूम की रेकी

दुकानदार ने बताया कि पकड़े गए सिपाहियों में से एक पहले दुकान के ऊपर स्थित एक डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़ाई करने आता था। इसी दौरान उसने शोरूम की पूरी रेकी कर ली थी कि कौन सा मोबाइल कहां रखा जाता है और दुकान की व्यवस्था कैसी है। शनिवार को जब दुकानदार को स्टॉक चेक करने पर फोन कम मिला, तो उसने सीसीटीवी फुटेज खंगाली। कैमरे में पुलिस की वर्दी पहने दोनों जवान मोबाइल चुराते हुए साफ नजर आए।

सीसीटीवी वीडियो वायरल होते ही विभाग में खलबली

दुकानदार ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद जौनपुर पुलिस की जमकर किरकिरी हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दिए। पुलिस ने रविवार को ही सिपाहियों के पास से चोरी किया गया महंगा मोबाइल बरामद कर पीड़ित दुकानदार को सौंप दिया। मंगलवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।

विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू

एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस विभाग में इस तरह के अनुशासनहीन और आपराधिक कृत्य के लिए कोई जगह नहीं है। दोनों आरोपी सिपाहियों, धनंजय बिंद और मिथिलेश यादव, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। निलंबन के साथ-साथ उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है ताकि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके नैतिक आचरण पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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