अयोध्या। श्री राम मंदिर से चढ़ावा चोरी करने के सनसनीखेज मामले में सलाखों के पीछे बंद मुख्य आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा और कस गया है। जिला जेल में बंद आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश को कोर्ट के आदेश के बाद 40 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर ले लिया गया है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत ने विवेचक की अर्जी पर सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ और चोरी की रकम समेत अन्य सामानों की बरामदगी के लिए यह बड़ा आदेश जारी किया है।
चोरी की रकम और सामान उगलवाने को विवेचक ने मांगी थी 7 दिन की रिमांड
मामले की कमान संभाल रहे विवेचक आशुतोष त्रिपाठी आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गई बड़ी धनराशि और अन्य महत्वपूर्ण सामानों को बरामद करने के प्रयास में जुटे हैं। गौरतलब है कि ये तीनों आरोपी बीते 26 जून से जिला जेल में बंद हैं। जेल में पूछताछ के दौरान तीनों ने स्वीकार किया था कि उन्होंने चोरी का कुछ सामान और नकदी अपने-अपने आवासों पर छिपाकर रखी है और वे उसे बरामद करवाने को तैयार हैं। इसी बयान के आधार पर विवेचक ने कोर्ट से 7 दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी ताकि आरोपियों को उनके घरों पर ले जाकर माल बरामद किया जा सके।
कोर्ट में कानूनी दांवपेंच: सर्च वारंट बनाम पुलिस रिमांड की बहस
सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल से ही तीनों अभियुक्तों की पेशी हुई। कोर्ट में आरोपियों के वरिष्ठ अधिवक्ता कुल शेखर सिंह और स्पेशल लोक अभियोजक के बीच तीखी बहस देखने को मिली। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (BNSS) की धारा 97 के तहत जिलाधिकारी किसी भी आरोपी के खिलाफ सर्च वारंट जारी कर सकते हैं। पुलिस वहां से सर्च वारंट लेकर भी सामान बरामद कर सकती है क्योंकि आरोपियों ने किसी ऐसे गुप्त स्थान का जिक्र नहीं किया है जिसके बारे में पुलिस न जानती हो। पुलिस पहले भी उनके घरों पर छापेमारी कर चुकी है, इसलिए रिमांड की अर्जी खारिज की जाए। इसके जवाब में विशेष लोक अभियोजक ने कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा कि जब तक अभियुक्तों को खुद मौके पर नहीं ले जाया जाएगा, तब तक छिपाई गई सटीक रकम और सामान की शत-प्रतिशत बरामदगी संभव नहीं है।
रात 10 बजे तक पुलिस कस्टडी, थर्ड डिग्री पर पूरी तरह रोक
दोनों पक्षों की दलीलें और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपियों का पक्ष सुनने के बाद विशेष अदालत ने बीच का रास्ता निकालते हुए 40 घंटे की कस्टडी मंजूर की। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 8 जुलाई की सुबह 7 बजे से लेकर 9 जुलाई की रात 10 बजे तक तीनों आरोपी पुलिस अभिरक्षा में रहेंगे। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस को इस दौरान बेहद कड़े नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं:
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अनिवार्य मेडिकल टेस्ट: कस्टडी में लेने से पहले और वापस जेल में दाखिल करने से पूर्व तीनों आरोपियों का विस्तृत मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।
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थर्ड डिग्री पर बैन: पूछताछ के दौरान पुलिस किसी भी सूरत में आरोपियों पर थर्ड डिग्री या शारीरिक प्रताड़ना का इस्तेमाल नहीं करेगी।
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वकील रख सकेंगे नजर: यदि अभियुक्त चाहें, तो पूछताछ और बरामदगी के दौरान उनके अधिवक्ता उचित दूरी बनाकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर सकते हैं।
अब मामले के विवेचक तीनों आरोपियों को जिला जेल से अपनी अभिरक्षा में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर चुके हैं और उनकी निशानदेही पर अयोध्या व आसपास के इलाकों में छापेमारी कर बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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