कलबुर्गी/नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में हुए पेपर लीक और उसके बाद परीक्षा रद्द होने का दंश अब देश के होनहार छात्र अपनी जान देकर चुका रहे हैं। कर्नाटक के कलबुर्गी में 18 साल की एक होनहार नीट छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान भाग्यश्री के रूप में हुई है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद, नीट परीक्षा रद्द होने के पिछले महज 12 दिनों के भीतर आत्मघाती कदम उठाने वाले छात्रों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
12वीं में आए थे 92% नंबर, बेटी खोकर बिलख उठा परिवार
भाग्यश्री के पिता राजशेखर ने रोते हुए बताया कि परिवार में किसी भी तरह की कोई परेशानी या तनाव नहीं था। उनकी बेटी पढ़ाई में बेहद होनहार थी और उसका सपना डॉक्टर बनने का था। भाग्यश्री ने हाल ही में घोषित हुए 12वीं के नतीजों में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और उसकी नीट परीक्षा भी बहुत अच्छी गई थी। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद से वह गहरे सदमे में थी। बता दें कि देश भर में 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के पुख्ता आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अब दोबारा परीक्षा 21 जून को कराने का फैसला किया है, जिससे छात्र मानसिक दबाव में हैं।
नीट के चलते पिछले 12 दिनों में उजड़ गए 4 और घर, लातूर की मैथिली ने भी तोड़ा दम
कलबुर्गी की भाग्यश्री से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में चार और छात्रों ने इस सिस्टम की नाकामी के चलते मौत को गले लगा लिया:
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13 मई (गोवा): मडगांव में एक छात्र ने सुसाइड किया। उसने अपने आखिरी नोट में लिखा कि वह अब इस गलाकाट और भ्रष्ट कॉम्पिटिशन एग्जाम का हिस्सा नहीं बनना चाहता।
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14 मई (उत्तर प्रदेश): लखीमपुर खीरी के छात्र रितिक मिश्रा ने आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक, नीट पेपर लीक और परीक्षा कैंसिल होने से वह बुरी तरह टूट चुका था।
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15 मई (दिल्ली): देश की राजधानी के आजादपुर इलाके में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा ने घर के भीतर जान दे दी।
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15 मई (राजस्थान): कोटा में तैयारी कर रहे प्रदीप मेघवाल ने सुसाइड किया। प्रदीप को परीक्षा में 650 से ज्यादा नंबर आने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सका।
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16 मई (महाराष्ट्र): लातूर जिले की 18 वर्षीय नीट छात्रा मैथिली सोनवाने ने भी मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। उसके पिता ने बताया कि डॉक्टर बनने का सपना टूटने और भविष्य के धुंधलके से मैथिली डिप्रेशन में चली गई थी।
राहुल गांधी ने फिर मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, कहा- चैन से नहीं बैठेंगे
इस संवेदनशील मुद्दे पर देश का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस सामूहिक छात्र आत्महत्याओं के लिए सीधे केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा— “जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और NEET जैसे पेपर लीक को रोकने के लिए एक फूलप्रूफ, पारदर्शी सिस्टम नहीं बनता, हम चैन से नहीं बैठेंगे। हमारे बच्चों का भविष्य इस तरह बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता।”
मास्टरमाइंड शुभम खैरनार 6 जून तक जेल में, अब तक 11 आरोपी दबोचे गए
इधर, जांच की कमान संभाल रही सीबीआई (CBI) ने पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी शुभम खैरनार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 6 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है। इससे पहले खैरनार को 14 मई को 5 अन्य आरोपियों के साथ 7 दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेजा गया था, जिसे 20 मई को 5 दिन के लिए और बढ़ाया गया था। सीबीआई का कहना है कि खैरनार से पूछताछ में कई बड़े वीआईपी चेहरों और पेपर खरीदने वाले अन्य छात्रों के नाम सामने आए हैं। इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
संसद समिति के सामने एनटीए चीफ की पेशी, अगले साल से ‘ऑनलाइन’ होगी परीक्षा
नीट घोटाले की गूंज अब संसद तक पहुंच गई है। 21 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह को संसद की स्थायी समिति के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ा। बंद कमरे में हुई इस बैठक में समिति के सदस्यों ने पेपर लीक, परीक्षा की सुरक्षा में चूक, कंप्यूटर आधारित परीक्षा व्यवस्था और एनटीए की आंतरिक खामियों को लेकर महानिदेशक को जमकर आड़े हाथों लिया।
अधिकारियों ने संसदीय समिति को भरोसा दिलाया कि सीबीआई जांच के बाद सिस्टम की सभी कमियों को दूर कर लिया जाएगा। वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार और एनटीए अब इस परीक्षा को पूरी तरह फूलप्रूफ बनाने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अगले साल यानी 2027 से नीट-यूजी परीक्षा को ऑफलाइन (पेन-पेपर) मोड से हटाकर पूरी तरह से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में कराया जा सकता है, ताकि पेपर लीक की गुंजाइश को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।
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