Monday , 14 September 2026

Tej Pratap Yadav Arrested: जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को 14 दिन की जेल, मॉल से हुए थे गिरफ्तार….जानिए पूरा मामला 

पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के संस्थापक तेज प्रताप यादव को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शनिवार (25 जुलाई) को पटना पुलिस ने उन्हें एक मॉल से गिरफ्तार किया था। शनिवार देर रात ही पुलिस ने उन्हें ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से अदालत के आदेश के बाद उन्हें पटना की बेऊर जेल भेज दिया गया। तेज प्रताप पर पटना में छात्रों को भड़काने और उपद्रव के लिए उकसाने का मुख्य आरोप है।

दिन में हिरासत से छूटने के बाद मॉल से दोबारा हुए गिरफ्तार

दरअसल, देश भर में जारी नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया गया था। बंद का समर्थन करने के लिए तेज प्रताप यादव भी अपने समर्थकों के साथ सड़कों पर उतरे थे। वह पटना के रामगुलाम चौक पर धरने पर बैठ गए और फिर वहां से डाक बंगला चौराहे की ओर मार्च करने लगे।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया था। हालांकि, माहौल बिगड़ने की आशंका के चलते कुछ समय बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया था। इसके बाद शनिवार शाम जब तेज प्रताप पटना के एक मॉल में मौजूद थे, तभी भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया।

‘छात्रों के लिए जान भी दे सकता हूं’— गिरफ्तारी पर बोले तेज प्रताप

जेल भेजे जाने से पहले मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने कहा, “हम छात्रों के अधिकारों के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। अगर छात्रों के भविष्य और उनके हक के लिए जरूरत पड़ी, तो मैं अपनी जान देने के लिए भी तैयार हूं।”

अपनी गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। मजिस्ट्रेट के सख्त निर्देश के बाद ही उन्हें गिरफ्तारी का मेमो सौंपा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें एफआईआर (FIR) की कॉपी भी मुहैया नहीं कराई है। उन पर मुख्य रूप से धारा 109 के तहत कार्रवाई की गई है।

बिहार के 13 जिलों में भारी बवाल, पटना में 209 उपद्रवी हिरासत में

‘बिहार बंद’ के दौरान राजधानी पटना समेत राज्य के करीब 13 जिलों में जमकर हंगामा और प्रदर्शन देखने को मिला। पटना में स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को काफी सख्त रवैया अपनाना पड़ा। हिंसक प्रदर्शन और उपद्रव के आरोप में पुलिस ने अब तक 209 लोगों को हिरासत में लिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पूरे शहर में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों को तैनात कर दिया गया है।

 

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