कानपुर। कहते हैं कि शौक जब जुनून बन जाए तो इंसान की बुद्धि पर पत्थर पड़ जाते हैं। कानपुर के गुजैनी इलाके में रील (Reel) बनाने और सोशल मीडिया पर चंद पलों की शोहरत पाने की चाहत ने कुछ युवाओं को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। यहां दोस्तों ने मिलकर खुद के ही अपहरण का ऐसा ‘खौफनाक स्क्रिप्ट’ तैयार किया कि पूरे पुलिस महकमे की सांसें फूल गईं। इस ‘प्रैंक’ ने न सिर्फ एक मां को बदहवास कर दिया, बल्कि कानून व्यवस्था को भी भारी चुनौती दे डाली।
मां के पास पहुंचा फिरौती का कॉल, हिल गई क्राइम ब्रांच
यह सनसनीखेज मामला बर्रा-8 इलाके का है। पकड़े गए युवकों ने फिल्मी स्टाइल में एक किशोर के अपहरण का फर्जी वीडियो शूट किया। ड्रामे को असली दिखाने के लिए आरोपियों ने किशोर की मां को फोन लगाकर भारी-भरकम फिरौती मांग ली। रोती-बिलखती मां जब थाने पहुंची, तो मामला हाईप्रोफाइल देख फौरन क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस को मोर्चे पर लगा दिया गया। घंटों की मशक्कत और भारी तनाव के बीच पुलिस की टीमें इन ‘अपहरणकर्ताओं’ के पीछे दौड़ती रहीं।
सर्विलांस ने खोला राज: अपराध नहीं, वायरल होने का था इरादा
डीसीपी (साउथ) दीपेंद्रनाथ चौधरी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जब पुलिस ने सर्विलांस और तकनीक की मदद से लोकेशन ट्रेस की, तो हकीकत जानकर हर कोई दंग रह गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों का मकसद कोई फिरौती वसूलना या जुर्म करना नहीं था, बल्कि वे एक ‘प्रैंक वीडियो’ (Prank Video) बना रहे थे। वे इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रातों-रात वायरल होना चाहते थे। लेकिन रील और रीयलिटी का अंतर भूलकर वे कानून की लक्ष्मण रेखा लांघ गए।
पुलिस की सख्त चेतावनी: 8 गिरफ्तार, 3 नाबालिग भी शामिल
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल आठ आरोपियों को दबोचा है, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस की ऊर्जा और कीमती संसाधनों को इस तरह के भद्दे मजाक में बर्बाद करने पर डीसीपी ने कड़ा रुख अपनाया है। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। प्रशासन ने सख्त लहजे में अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के मोबाइल और उनकी सोशल मीडिया एक्टिविटी पर पैनी नजर रखें, वरना एक गलत रील पूरे भविष्य को अंधेरे में धकेल सकती है।
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