
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर मैदान पर हों या मैदान से बाहर, उनका हर अंदाज फैंस का दिल जीत लेता है। हाल ही में मास्टर ब्लास्टर का एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जो इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है। एक रोड ट्रिप के दौरान सचिन की नजर कुछ ऐसे नन्हे कलाकारों पर पड़ी, जिनकी ‘इंजीनियरिंग’ देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी तुरंत रुकवा दी। मामला गांव के कुछ बच्चों द्वारा बनाई गई एक अद्भुत ‘देसी जुगाड़ कार’ से जुड़ा है।
Driving through one of the many hidden corners of India, we stopped to check out a ‘car’ that didn’t come from a showroom, but from sheer imagination.
This is the kind of talent that doesn’t wait for perfect conditions, it finds a way to roll anyway. Bas mauka milna chahiye! pic.twitter.com/6QMlnwvyzx
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) May 11, 2026
लकड़ी और लोहे के कबाड़ से बना दी ‘शानदार कार’
वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि गांव के कुछ बच्चे अपनी बनाई हुई एक अनोखी गाड़ी के साथ खेल रहे थे। यह कोई खिलौना नहीं, बल्कि लकड़ी, लोहे की रॉड और पुराने पहियों की मदद से तैयार की गई एक छोटी कार थी। इस जुगाड़ वाहन में एक बच्चा ड्राइविंग सीट का लुत्फ उठा रहा था, जबकि उसके दोस्त उसे धक्का देकर आगे बढ़ा रहे थे। साधारण से संसाधनों से तैयार इस ‘इनोवेशन’ ने सचिन तेंदुलकर को इस कदर प्रभावित किया कि वह खुद को बच्चों से मिलने से रोक नहीं पाए।
जब ‘मास्टर ब्लास्टर’ खुद पहुंचे बच्चों के पास
सचिन ने न केवल दूर से इस दृश्य को निहारा, बल्कि गाड़ी से उतरकर बच्चों के पास पहुंचे। उन्होंने बड़ी बारीकी से उस लकड़ी की कार की बनावट को देखा और बच्चों की रचनात्मकता (Creativity) की जमकर सराहना की। वीडियो में सचिन बच्चों के साथ बेहद सादगी से बातचीत करते और मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। बच्चों के लिए भी यह किसी सपने जैसा था कि साक्षात सचिन तेंदुलकर उनके ‘देसी आविष्कार’ की तारीफ कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर दिया खास संदेश: “कल्पना का कोई शोरूम नहीं होता”
सचिन ने इस दिल छू लेने वाले पल को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया है। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “भारत के अनदेखे कोनों से गुजरते हुए हमने ऐसी ‘कार’ देखी, जो किसी शोरूम से नहीं बल्कि कल्पनाशक्ति (Imagination) से बनी थी। यही असली टैलेंट है, जिसे बस एक सही मौके की जरूरत होती है।” सचिन की इस पोस्ट पर फैंस लगातार कमेंट कर रहे हैं और बच्चों के टैलेंट को ‘भविष्य के इंजीनियर्स’ का दर्जा दे रहे हैं।
इंटरनेट पर ‘जुगाड़ कार’ की धूम
सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि भारत के गांवों में आज भी ऐसी प्रतिभाएं छिपी हैं, जो बिना किसी महंगे संसाधन के बड़े-बड़े आविष्कार कर सकती हैं। कुछ यूजर्स ने तो मजाक में यह भी लिख दिया कि यह जुगाड़ कार आज की महंगी गाड़ियों से ज्यादा किफायती और टिकाऊ है। सचिन तेंदुलकर के इस व्यवहार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह जितने बड़े खिलाड़ी हैं, उतने ही जमीन से जुड़े इंसान भी हैं।
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