Wednesday , 28 October 2026

यूपी में बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी तेज: अब कम होंगे स्कूलों के स्थानीय अवकाश, DM-कमिश्नर हर 15 दिन में 30 बिंदुओं पर करेंगे समीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं से पहले बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण अवधि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के लिए शासन ने कमर कस ली है। आगामी जनगणना और चुनावी प्रक्रियाओं के कारण विद्यार्थियों की नियमित कक्षाओं पर असर न पड़े, इसके मद्देनजर परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में स्थानीय अवकाशों की संख्या सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं। अब मंडलायुक्त और जिलाधिकारी हर 15 दिन पर शिक्षा विभाग के कामकाज, योजनाओं और शिक्षण व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखेंगे। इसके लिए शासन स्तर से 30 प्रमुख बिंदुओं का एक विस्तृत फ्रेमवर्क तय किया गया है।

मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को पत्र जारी, तय हुए 30 समीक्षा बिंदु

अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं। जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से हर पखवाड़े समीक्षा बैठक करेंगे। बेसिक शिक्षा में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, निपुण मॉड्यूल, निपुण तालिका और यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर डेटा अपडेशन की गहन पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा, शिक्षक संकुल बैठकों की उपयोगिता, बाल वाटिका, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ECCE) और होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड के क्रियान्वयन की स्थिति परखी जाएगी। चर्चित सौरभ कुमार सिंह प्रकरण के मद्देनजर शिक्षकों के पारदर्शी समायोजन की प्रगति भी समीक्षा का मुख्य हिस्सा होगी।

पीएम पोषण की गुणवत्ता, रसोइयों का मानदेय और डीबीटी पर सीधी नजर

प्रशासनिक बैठकों में योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं पर खास जोर रहेगा:

  • समग्र शिक्षा, पीएम श्री (PM SHRI) और पीएम पोषण के अंतर्गत एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) प्रणाली से धनराशि के व्यय की समीक्षा होगी।

  • स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) को समय पर भुगतान की स्थिति जांची जाएगी।

  • शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों की फीस प्रतिपूर्ति और अभिभावकों के खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाने वाली धनराशि का सत्यापन होगा।

  • पीएम पोषण (मिड-डे मील) के तहत भोजन की पौष्टिकता व गुणवत्ता, कन्वर्जन कॉस्ट, रसोइयों का समयबद्ध मानदेय और बच्चों को मेन्यू के अनुसार उपमा-हलवा वितरण की वास्तविक स्थिति जांची जाएगी। साथ ही रसोइया प्रतियोगिता की तैयारियों की भी समीक्षा होगी।

शिक्षकों के एरियर, चयन वेतनमान और कैशलेस चिकित्सा योजना पर फोकस

अधिकारियों को शिक्षकों से जुड़े सेवा संबंधी मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। इसमें शिक्षकों के चयन व प्रोन्नत वेतनमान, सेवानिवृत्ति देयों, लंबित एरियर का भुगतान और कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाएगी। वहीं ‘उल्लास’ (ULLAS) नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निरक्षरों के चिह्नांकन, पठन-पाठन और आकलन की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की जाएगी।

प्रोजेक्ट अलंकार, स्मार्ट क्लास और जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण

बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ और नए बुनियादी ढांचा प्रस्तावों, जबकि बेसिक में ‘प्रेरणा’ व माध्यमिक में ‘परख’ मॉड्यूल के उपयोग की अनिवार्य मॉनिटरिंग होगी। जिलों में स्थित जर्जर परिषदीय भवनों के अवशेषों की नीलामी और लंबित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेजी से पूरी की जाएगी। इसके अतिरिक्त स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब की सक्रियता, सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की भौतिक प्रगति और राजकीय विद्यालयों में मिनी स्टेडियमों की स्थिति का स्थलीय सत्यापन होगा। साथ ही विद्यालयों में किए जा रहे सकारात्मक नवाचारों को सोशल मीडिया पर व्यापक स्तर पर साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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