
वॉशिंगटन/तेहरान। मिडिल ईस्ट (Middle East Tension) से इस वक्त की सबसे बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। कमर्शियल जहाज पर हुए हमले से भड़के अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से ईरान के मिसाइल नेटवर्क और एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। इसके साथ ही सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास ईरानी ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) की तेज रफ्तार स्पीडबोट्स को भी निशाना बनाया गया है।
केशम द्वीप और बंदर अब्बास दहल उठे
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB के हवाले से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरान के रणनीतिक केशम द्वीप (Qeshm Island) के निकट एक के बाद एक कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। वहीं, ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास (Bandar Abbas) के पास भी आसमान छूती लपटें और भीषण विस्फोटों की गूंज सुनाई दी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: ‘डील के दो घंटे बाद ही ईरान ने कर दिया हमला’
इस भीषण सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा, “कल रात हमारी सेना ने ईरान पर बेहद जोरदार और विनाशकारी हमला किया है। इन लोगों के साथ कुछ तो गंभीर गड़बड़ है।” ट्रंप ने आगे बताया कि हमले से ठीक एक दिन पहले ईरान के साथ एक डील लगभग फाइनल हो गई थी और वे सब कुछ छोड़ने को तैयार थे, लेकिन अचानक उसके महज दो घंटे बाद ही उन्होंने एक अमेरिकी कमर्शियल जहाज पर ड्रोन से हमला कर दिया। राष्ट्रपति ने साफ किया कि अमेरिका अपने हितों पर आंच बर्दाश्त नहीं करेगा।
अमेरिका ने ईरान के 140 ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सैन्य मुख्यालय (Pentagon) के अनुसार, यह ताजा और आक्रामक कार्रवाई होर्मुज से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई है, जिसके लिए सीधे तौर पर ईरान की IRGC को जिम्मेदार माना गया था। अमेरिकी सेना ने अपने बयान में पुष्टि की है कि इस ताजा हवाई और समुद्री हमले में ईरान के कम से कम 140 सैन्य ठिकानों को पूरी तरह टारगेट कर नष्ट कर दिया गया है।
कुवैत के तेल रिग और बॉर्डर चौकियों पर ‘दुश्मन’ का ड्रोन अटैक
मिडिल ईस्ट में जारी इस जंग की आग अब पड़ोसी देशों तक भी फैल चुकी है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने एक चौंकाने वाला बयान जारी कर बताया है कि देश के उत्तरी जमीनी सीमा की तीन चौकियों पर एक भीषण और आपराधिक हमला हुआ है, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, कुवैत ऑयल कंपनी (KOC) के एक ऑफशोर ड्रिलिंग रिग पर भी दुश्मन के ड्रोन ने सटीक निशाना साधा। कुवैती रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता स्टाफ कर्नल सऊद अब्दुलअजीज अल-अतवान ने बताया कि इस ड्रोन हमले में रिग पर काम करने वाला एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुआ है। कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने कहा है कि उनकी सेना देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह हाई अलर्ट पर है।
ईरान का पलटवार: अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम पर दागे ‘लोइटरिंग ड्रोन’
दूसरी तरफ, ईरान ने भी अमेरिका को पीछे हटने की चेतावनी देते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले करने का दावा किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने कुवैत सहित कई खाड़ी देशों में तैनात अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया है। इस जवाबी कार्रवाई में ईरान ने खतरनाक ‘लोइटरिंग ड्रोन’ (हवा में मंडराने वाले सुसाइड ड्रोन) का इस्तेमाल कर अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम (Patriot Air Defense System) को निशाना बनाने की बात कही है, जिसके बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।
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