
ग्रेटर नोएडा। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा से करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा शिकंजा कसा है। जांच एजेंसी ने बैंक के ग्राहकों के खातों में सेंध लगाकर ₹10.24 करोड़ के गबन के आरोप में बैंक की एक महिला कर्मी और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बैंक की ऑफिस असिस्टेंट (सब-स्टाफ) दीपांशी और एक निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक के रूप में हुई है।
ग्राहकों के खातों में सेंधमारी कर उड़ाए ₹10.24 करोड़
यह पूरा वित्तीय घोटाला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा का है। पीएनबी प्रबंधन की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद सीबीआई ने 29 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गहन जांच में सामने आया कि बैंक शाखा में मौजूद कई वैध ग्राहकों के खातों से उनकी बिना किसी पूर्व अनुमति या जानकारी के अवैध लेन-देन किए गए। इन अनधिकृत ट्रांजेक्शन्स के जरिये लगभग ₹10.24 करोड़ की भारी-भरकम राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली गई। आरोप है कि बैंक कर्मी दीपांशी ने निजी व्यक्ति आशुतोष पाठक और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ आपराधिक मिलीभगत कर इस ठगी को अंजाम दिया।
पुणे की अदालत से मिला ट्रांजिट रिमांड, नेटवर्क खंगालने में जुटी टीम
कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। आरोपी आशुतोष कुमार पाठक को गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र के पुणे स्थित विशेष सीबीआई अदालत में प्रस्तुत किया गया। अदालत से एजेंसी को आरोपी का ट्रांजिट रिमांड मिल गया है, जिससे उसे पूछताछ और अग्रिम जांच के लिए दिल्ली-एनसीआर लाया जा सके। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ग्राहकों के सुरक्षित बैंक खातों में सेंध लगाने के लिए किस डिजिटल या तकनीकी खामी और बैंकिंग पासवर्ड/लॉगिन क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग किया गया था।
कहां खपाई गई ₹10.24 करोड़ की रकम? अंदरूनी मिलीभगत की पड़ताल
सीबीआई की वित्तीय अपराध शाखा अब इस बात का पूरा मनी ट्रेल तलाश रही है कि पीड़ितों के खातों से निकाली गई ₹10.24 करोड़ की धनराशि को किन-किन बैंक खातों में डाइवर्ट किया गया और किन माध्यमों से कैश निकाला गया। इसके साथ ही इस बिंदु पर भी पैनी नजर रखी जा रही है कि क्या इस बहुचर्चित बैंक फ्रॉड में शाखा के किसी अन्य उच्चाधिकारी, बैंक कर्मचारी या बाहरी सिंडिकेट की भी संलिप्तता थी। फिलहाल सीबीआई दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।
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