नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का आज शुक्रवार को 10वां दिन है। आज का दिन भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। लोकसभा में आज जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026 और सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़े संशोधन बिल पर अहम चर्चा होगी। वहीं, दूसरी ओर राज्यसभा में एमएसएमई (MSME) विकास (संशोधन) बिल, 2026 पेश किया जाएगा। इस बीच, सदन के भीतर राजनीतिक बयानबाजी और तल्खी भी चरम पर पहुंच गई है।
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस
सदन की कार्यवाही से इतर भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा है। अनुराग ठाकुर का आरोप है कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया तथा उन पर कई गंभीर व बेबुनियाद आरोप लगाए। दरअसल, बुधवार को पेपर लीक संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर तीखे हमले किए थे, जिसके बाद उनके भाषण के एक बड़े हिस्से को स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही से हटा (एक्सपंज) दिया था।
राहुल गांधी का सरकार पर पलटवार: ‘जेन-जी को धमका नहीं सकते’
इस विवाद के बीच राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर सरकार पर हमला बोला। राहुल ने लिखा कि पीएम मोदी और अमित शाह आप देश की ‘Gen Z’ (युवा पीढ़ी) को चुप रहने के लिए धमका नहीं सकते। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं और अब आप उन पर एफआईआर दर्ज कर रहे हैं व उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा रहे हैं। राहुल ने चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि आप भारत का अतीत हैं, भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, इसको लेकर सावधान रहें।
संसद से पास हुए ‘पेपर लीक’ और ‘वंदे मातरम’ बिल
संसद में पिछले दिनों कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए हैं। गुरुवार को हंगामे के बीच ‘वंदे मातरम बिल’ राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी पारित हो गया। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया था। इसके साथ ही, सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली रोकने से जुड़ा ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ (पेपर लीक बिल) बुधवार को लोकसभा और गुरुवार को राज्यसभा से भी पास हो गया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किए गए इस बिल पर करीब 7 घंटे तक मैराथन बहस हुई। अब यह बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का रूप ले लेगा।
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