Tuesday , 14 July 2026

यूपी में रफ्तार का नया कीर्तिमान! आज से शुरू होगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, सिर्फ 45 मिनट में तय होगा सफर; जानें रूट और सभी खासियतें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क में आज एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाले राज्य यूपी को आज यानी 13 जुलाई को एक और हाई-स्पीड कॉरिडोर की सौगात मिलने जा रही है। प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी लखनऊ और औद्योगिक राजधानी कानपुर को आपस में जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित ‘लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे’ का आज भव्य उद्घाटन होने जा रहा है। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। यह नया कॉरिडोर न केवल दो बड़े शहरों की दूरी मिटाएगा, बल्कि यूपी के सबसे बड़े ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ से भी सीधा कनेक्ट होगा।

दो हिस्सों में बंटा है 63 किलोमीटर का यह सफर, ट्रैफिक जाम से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्ति

इस बेहद आधुनिक और हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 63 किलोमीटर है। इसकी शुरुआत लखनऊ चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट के आगे सरोजनीनगर से होगी, जो कानपुर में गंगा घाट से ठीक पहले जाकर समाप्त होगा। यात्रा को निर्बाध और जाम मुक्त बनाने के लिए निर्माण को दो मुख्य तकनीकी हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसका 17.5 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह एलिवेटेड सेक्शन के रूप में तैयार किया गया है, जिससे शहरी इलाकों में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से वाहन चालकों को नहीं जूझना पड़ेगा। वहीं, इसका शेष 45.2 किलोमीटर का हिस्सा ग्रीनफील्ड सेक्शन है, जिसे पूरी तरह से नई अधिग्रहीत भूमि पर विकसित किया गया है। इस पूरे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की चौड़ाई 90 मीटर रखी गई है।

₹4200 करोड़ की लागत और 8 लेन तक विस्तार की दूरदर्शी योजना

इंजीनियरिंग के बेजोड़ नमूने के रूप में तैयार किए गए इस 6-लेन सुपरफास्ट कॉरिडोर के निर्माण में लगभग 4200 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहद रणनीतिक तरीके से डिजाइन किया गया है। आने वाले समय में यातायात का दबाव बढ़ने पर बिना किसी नए भूमि अधिग्रहण के इस एक्सप्रेसवे को बेहद आसानी से 6-लेन से 8-लेन में अपग्रेड किया जा सकेगा, जिसके लिए चौड़ाई पहले से ही पर्याप्त रखी गई है।

माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स के लिए बनेगा ‘गेमचेंजर’, नो-एंट्री का झंझट खत्म

यह एक्सप्रेसवे केवल आम जनता की राह आसान नहीं करेगा, बल्कि यूपी के व्यापारिक और औद्योगिक विकास के लिए ‘गेमचेंजर’ साबित होने वाला है। सबसे बड़ा फायदा भारी मालवाहक ट्रकों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मिलेगा। वर्तमान में कानपुर और बुंदेलखंड के इलाकों से खनन उत्पाद व अन्य व्यापारिक सामग्रियां लेकर आने वाले भारी वाहनों को शहरों के आउटर पर ‘नो-एंट्री’ खुलने का घंटों इंतजार करना पड़ता था, जिससे समय और ईंधन दोनों की भारी बर्बादी होती थी। अब ये ट्रक बिना किसी शहरी रुकावट के सीधे किसान पथ के माध्यम से लखनऊ को पार कर अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे।

3 प्रमुख इंटरचेंज और चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों से वर्ल्ड क्लास सुरक्षा

यात्रियों की सुविधा के लिए इस पूरे मार्ग पर 3 प्रमुख इंटरचेंज पॉइंट दिए गए हैं, जो कनेक्टिविटी को बेहद सुगम बनाते हैं। इसमें पहला इंटरचेंज कानपुर रिंग रोड पर, दूसरा एनएच-31 पर और तीसरा लखनऊ रिंग रोड यानी एनएच-27 पर बनाया गया है। सुरक्षा के मानकों पर इस एक्सप्रेसवे को वैश्विक स्तर का बनाया गया है। एक्सप्रेसवे पर आवारा पशुओं या अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए सड़क के दोनों तरफ बेहद मजबूत लोहे की जाली (कंट्रोल फेंसिंग) लगाई गई है। इसके साथ ही, पूरे कॉरिडोर पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनके जरिए मुख्य कंट्रोल रूम से 24 घंटे रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।

120 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी कारें, सिर्फ 45 मिनट में पूरा होगा घंटों का सफर

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर बेहद रोमांचक और समय बचाने वाला हो जाएगा। इस कॉरिडोर पर कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जबकि भारी वाहनों और ट्रकों के लिए यह स्पीड limit 100 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। वर्तमान में लखनऊ से कानपुर के बीच की लगभग 80 किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को भारी ट्रैफिक के कारण 2 से 3 घंटे का समय लग जाता है, लेकिन आज से यह सफर सिमटकर महज 45 मिनट का रह जाएगा।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: एक नजर में सभी तकनीकी आंकड़े

  • कुल लंबाई: 63 किलोमीटर

  • कुल निर्माण लागत: ₹4,200 करोड़

  • वर्तमान लेन क्षमता: 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार का प्रावधान)

  • ग्रीनफील्ड हिस्सा: 45.2 किलोमीटर (90 मीटर चौड़ाई के साथ)

  • एलिवेटेड हिस्सा: 17.5 किलोमीटर (शहरी क्षेत्र के लिए)

  • अधिकतम निर्धारित गति: कार के लिए 120 किमी/घंटा | भारी वाहनों के लिए 100 किमी/घंटा

  • यात्रा समय में बदलाव: 2-3 घंटे से घटकर अब मात्र 45 मिनट

  • पर्यावरण संरक्षण कदम: निर्माण में 4 लाख क्यूबिक मीटर फ्लाई ऐश का उपयोग, मार्ग के किनारे 46,000 पौधे

  • हाई-टेक सुरक्षा फीचर्स: 24/7 सीसीटीवी मॉनिटरिंग, अत्याधुनिक स्ट्रीट लाइट्स, दोनों किनारों पर लोहे की मजबूत जाली, डिवाइडर क्रैश बैरियर

 

 

 

 

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