नई दिल्ली। नीट यूजी (NEET UG 2026) परीक्षा को लेकर मचे घमासान के बीच केंद्र सरकार ने उम्मीदवारों का विश्वास जीतने के लिए बड़े सुधारों और सुविधाओं का ऐलान किया है। पेपर लीक जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा (Re-exam) में छात्रों को किसी भी तरह की मानसिक या आर्थिक परेशानी न हो। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भावुक होते हुए साफ किया कि सिस्टम के ‘लूपहोल्स’ को भरने और ‘परीक्षा माफिया’ को जड़ से मिटाने के लिए यह कड़े फैसले लिए गए हैं।
कोचिंग छोड़ घर लौटे छात्रों को बड़ी राहत, अब चुन सकेंगे मनचाहा शहर
नीट की तैयारी करने वाले लाखों छात्र परीक्षा के बाद कोचिंग सिटी छोड़कर अपने घरों को लौट चुके थे। ऐसे में पुराने सेंटर पर जाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। एनटीए (NTA) ने इस समस्या का समाधान करते हुए उम्मीदवारों को एक सप्ताह का समय दिया है, जिसमें वे अपनी सुविधा के अनुसार ‘एग्जाम सिटी’ (Exam City) बदल सकते हैं। यानी अगर कोई छात्र पहले कोटा में था और अब अपने गृह नगर पटना या मुंबई में है, तो वह वहीं का केंद्र चुन सकता है। इस बदलाव के आधार पर 14 जून तक एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।
15 मिनट का बोनस समय: अब 5:15 बजे तक चलेगा पेपर
छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए नीट यूजी की टाइमिंग में भी बदलाव किया गया है। अब उम्मीदवारों को पेपर हल करने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा अब दोपहर 2:00 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चलेगी। यह एक्स्ट्रा समय इसलिए दिया गया है ताकि छात्र बिना किसी हड़बड़ाहट के प्रश्नपत्र को गहराई से पढ़ सकें और शांत मन से उत्तर दे सकें।
परिवहन का जिम्मा उठाएगी सरकार, फ्री बस और ट्रेन की तैयारी
परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में होने वाले खर्च को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने बड़ी राहत दी है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार राज्यों के साथ मिलकर विशेष बसों और ट्रेनों की व्यवस्था करने पर विचार कर रही है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि छात्रों से दोबारा कोई फीस नहीं ली जाएगी और परीक्षा के आयोजन का सारा अतिरिक्त आर्थिक बोझ एजेंसी खुद उठाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मेधावी छात्र की परीक्षा आर्थिक तंगी के कारण न छूटे।
गर्मी और बारिश के लिए ‘प्लान-बी’ तैयार
चूंकि री-एग्जाम 21 जून को हो रहा है, जब देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और कुछ जगहों पर प्री-मानसून बारिश का दौर रहता है। इसे देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर विशेष इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर पेयजल, कूलिंग की व्यवस्था और खराब मौसम की स्थिति में ‘बैकअप प्लान’ तैयार रखा गया है ताकि मौसम का मिजाज छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी न फेर सके।
अगले साल से ‘ऑनलाइन’ होगी परीक्षा, माफियाओं पर नकेल
शिक्षा मंत्री ने एक दूरगामी फैसला लेते हुए बताया कि अगले साल से नीट यूजी परीक्षा ऑनलाइन मोड (CBT पैटर्न) पर आयोजित की जाएगी। इससे पेपर लीक की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि ‘एनटीए’ अब योग्य हाथों में है और ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत हर उस लूपहोल को बंद किया जाएगा जिसका फायदा माफिया उठाते रहे हैं।
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