नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ (NEET-UG) पेपर लीक मामले में बढ़ते आक्रोश के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ी घोषणाएं की हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार करोड़ों छात्रों के भविष्य और उनकी मेहनत को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की सेंधमारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
21 जून को दोबारा परीक्षा और CBI जांच के आदेश
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पेपर लीक की शिकायतों और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए 12 मई को हुई परीक्षा के प्रभावित हिस्सों को रद्द करने का कड़ा फैसला लिया गया है। अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित करेगी। साथ ही, उन्होंने इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए सीबीआई (CBI) जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रधान ने कहा कि सरकार की नीति ‘जीरो एरर’ की है और NTA के सिस्टम में जो भी खामियां हैं, उन्हें जड़ से खत्म किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री के 4 बड़े ऐलान: छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत
छात्रों के तनाव को कम करने और उन्हें सहूलियत देने के लिए शिक्षा मंत्री ने चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:
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नि:शुल्क परीक्षा: दोबारा होने वाली इस परीक्षा के लिए छात्रों को कोई भी अतिरिक्त फीस या आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।
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पसंदीदा परीक्षा केंद्र: छात्रों को अपने नजदीक या पसंद के शहर में परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प दिया जाएगा, ताकि उन्हें यात्रा में परेशानी न हो।
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एडमिट कार्ड की तारीख: नई परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 14 जून तक आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे।
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अगले साल से CBT मोड: भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए शिक्षा मंत्री ने ऐलान किया कि अगले साल से NEET परीक्षा ‘कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट’ (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
‘अन्याय नहीं होने देंगे’: मेधावी छात्रों को सरकार का भरोसा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धर्मेंद्र प्रधान काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “हम इस घटना से बेहद दुखी हैं। मैं छात्रों और समाज को विश्वास दिलाता हूं कि सरकार मेधावी छात्रों के साथ खड़ी है और किसी भी कीमत पर उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी राज्यों को एक मजबूत ‘निगरानी सिस्टम’ (Surveillance System) बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में परीक्षा की गोपनीयता से कोई खिलवाड़ न कर सके।
NTA के सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव
शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि NTA के सिस्टम में बड़े सुधारों की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार विशेषज्ञों की मदद से एक पारदर्शी व्यवस्था तैयार करेगी। फिलहाल, प्रशासन का पूरा ध्यान 21 जून को होने वाली परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर है।
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