Monday , 24 August 2026

NEET Issue Resolved: PM मोदी के मास्टरस्ट्रोक से विपक्ष का पूरा प्लान धराशायी, सोमवार को संसद में आएगा नया बिल

नई दिल्ली। शनिवार का दिन देश की राजनीति और शिक्षा जगत, दोनों के लिए बेहद उथल-पुथल भरा साबित हुआ। नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की खामियों को लेकर पिछले 37 दिनों से सड़कों पर चल रहा छात्रों का विशाल आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के साथ हुई मैराथन वार्ता के बाद अपना प्रदर्शन वापस लेने का आधिकारिक ऐलान किया। इससे ठीक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद सरकार ने तेजी से कदम उठाते हुए प्रह्लाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री नियुक्त कर दिया।

सरकार और CJP के बीच बनी सहमति, वार्ता के बाद खत्म हुआ धरना

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रंका के साथ घंटों तक उच्चस्तरीय बैठक की। इसके बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। CJP प्रतिनिधि सौरव दास ने मीडिया को बताया कि सरकार द्वारा तय समय-सीमा के भीतर सभी मांगें पूरी करने के लिखित भरोसे के बाद ही आंदोलन वापस लिया गया है। उन्होंने साफ किया कि यह पूरी लड़ाई किसी राजनीतिक श्रेय के लिए नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लड़ी गई थी।

केंद्र सरकार ने मानीं CJP की ये 3 प्रमुख मांगें

  • मुकदमों की वापसी: प्रदर्शनकारी छात्रों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) व कानूनी मामले वापस लिए जाएंगे। अकेले दिल्ली में ही दर्ज 15 से 20 मुकदमों की कॉपी तीन-चार दिनों के भीतर सौंपने का भरोसा दिया गया है।

  • पीड़ित परिवारों को मुआवजा: पेपर लीक विवाद और मानसिक तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

  • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना पद छोड़ दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। (नोट: CJP प्रतिनिधियों ने बताया कि 4 हफ्ते बाद वे दोबारा केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे, जिसमें परीक्षा प्रणाली के स्थाई सुधारों पर चर्चा होगी।)

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और पीएम मोदी का बड़ा राजनीतिक दांव

चौतरफा दबाव और लगातार तेज होते छात्र असंतोष के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया। इसके कुछ ही घंटों के भीतर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर इस्तीफा स्वीकार करते हुए वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का नया प्रभार सौंप दिया। प्रह्लाद जोशी अब अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा विभाग की कमान भी संभालेंगे। सरकार के इस त्वरित फैसले ने विपक्ष को रणनीति बनाने का मौका नहीं दिया और प्रशासनिक अनिश्चितता पर तुरंत विराम लगा दिया।

सोमवार को संसद में पेश होगा सख्त परीक्षा कानून संशोधन विधेयक 2026

इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ पेश करने जा रही है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह संसद में इस विधेयक को पेश करने की अनुमति मांगेंगे। NEET-UG 2026 परीक्षा में सामने आई गंभीर धांधलियों को देखते हुए लाया जा रहा यह नया बिल कानून में 7 बड़े संशोधन प्रस्तावित करता है, जिसका मुख्य उद्देश्य विशेष अदालतों के जरिए परीक्षा माफिया के खिलाफ त्वरित न्यायिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

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