Tuesday , 3 November 2026

Lucknow Crime: लखनऊ में शोहदे की छेड़छाड़ और प्रताड़ना से तंग आकर 11वीं की छात्रा ने लगाई फांसी, पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप

लखनऊ। राजधानी के मलिहाबाद थाना क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां कक्षा 11 में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा ने पड़ोस में रहने वाले एक शोहदे की लगातार छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना से आजिज आकर अपनी जान दे दी। सोमवार दोपहर किशोरी का शव उसके ही घर के भीतर बांस के सहारे दुपट्टे के फंदे पर लटकता हुआ मिला। जिस वक्त यह खौफनाक कदम उठाया गया, उस दौरान छात्रा घर पर अकेली थी और उसके माता-पिता किसी काम से बैंक गए हुए थे। मृतका के पिता ने पड़ोस के युवक और उसके पूरे परिवार पर बेटी को निरंतर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही पीड़ित पिता ने स्थानीय पुलिस पर बार-बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस व प्रभावी कदम न उठाने के गंभीर आरोप जड़े हैं।

रास्ते में साइकिल रोककर की थी बदसलूकी, विरोध पर परिजनों पर चाकू से हमला

परिजनों के अनुसार, किशोरी अक्सर स्कूल आते-जाते समय शोहदे की हरकतों का शिकार होती थी। करीब एक महीने पहले जब वह स्कूल से लौट रही थी, तभी पड़ोस के रहने वाले आरोपी युवक ने सरेराह उसकी साइकिल रोक ली और उसके साथ सरेआम अश्लील छेड़छाड़ की। सहमी हुई छात्रा ने घर पहुंचकर रोते हुए पूरी आपबीती परिजनों को सुनाई। जब परिजन उलाहना देने आरोपी के घर पहुंचे, तो उल्टे आरोपी युवक और उसके घरवालों ने पीड़ित परिवार पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने चाकू मारकर छात्रा के परिजनों को लहूलुहान कर दिया था।

ई-रिक्शा से भेजने लगे थे स्कूल, फिर भी नहीं थमा शोहदे का आतंक

इस हिंसक हमले और खौफ के चलते परिवार ने नाबालिग बेटी को अकेले स्कूल भेजना पूरी तरह बंद कर दिया था। सुरक्षा के मद्देनजर पिता ने अन्य छात्राओं के साथ उसे ई-रिक्शा से स्कूल भेजने का इंतजाम किया। इसके बावजूद बेखौफ आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। वह लगातार ई-रिक्शा का पीछा करता, फब्तियां कसता और किशोरी पर मानसिक दबाव बनाकर उसे टार्चर करता रहा। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जब पिता रामलखन अपनी पत्नी के साथ बैंक से लौटे, तो घर का दरवाजा खुला था और सामने बेटी का शव फंदे से झूल रहा था। दृश्य देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घर में दो बेटे और इकलौती बेटी थी, जिसकी मौत से परिवार उजड़ गया है।

आईजीआरएस पर भी की थी गुहार, पीड़ित पिता का दर्द- ‘पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद’

मृतका के पिता रामलखन ने व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए बताया कि उन्होंने सबसे पहले 20 मई को कसमंडी पुलिस चौकी में आरोपियों द्वारा चाकूबाजी किए जाने की लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद जब आरोपी ने बेटी को रास्ते में रोका, तो 13 अक्टूबर को फिर छेड़छाड़ की नामजद तहरीर सौंपी गई, लेकिन चौकी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब खाकी से कोई मदद नहीं मिली, तो पिता ने 24 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर बेटी की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। पिता का आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते सख्त रुख अपनाया होता, तो आज उनकी लाडली जिंदा होती।

सुलह-समझौते की बात कह पल्ला झाड़ती दिखी पुलिस, जांच तेज

मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस का बयान भी सामने आया है। अतिरिक्त थाना प्रभारी सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि पीड़ित पक्ष ने आईजीआरएस पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, जांच और निस्तारण के दौरान दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता करा दिया गया था और आरोपी के खिलाफ आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई थी। हालांकि, किशोरी की मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव और गम का माहौल है। अब पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर गंभीर शिकायतों को सिर्फ कागजी समझौतों में क्यों दबाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।

 

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