
उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए 250 करोड़ रुपये के बहुचर्चित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस पूरे सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड सुल्तान मिर्जा उर्फ अभय शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार घेराबंदी कर रही है। पहले आरोपी के दुबई भागने की सूचना थी, लेकिन हालिया इनपुट के मुताबिक उसके भारत लौटने की पुष्टि हुई है। कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, साइबर क्राइम टीम को आरोपी की संभावित मौजूदगी के सुराग नागपुर और औरैया में मिले हैं, जिसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
नागपुर से औरैया तक 27 टीमों की दबिश, लुकआउट नोटिस जारी
मास्टरमाइंड को दबोचने के लिए पुलिस की 27 विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच का दायरा केवल सुल्तान मिर्जा तक सीमित नहीं है, बल्कि गिरोह के अन्य अहम सरगनाओं लिटिल मोंगा और प्रतीक कालरा की तलाश में भी टीमें जुटी हैं। पुलिस ने तीनों फरार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के साथ ही 25-25 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है, जिससे उनके देश छोड़कर भागने के रास्तों को पूरी तरह बंद किया जा सके।
दिल्ली, मुंबई, पंजाब और हरियाणा में फैला नेटवर्क
इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह की जड़ें कई राज्यों में फैली हुई हैं। आरोपियों की धरपकड़ के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और मुंबई सहित कई राज्यों में पुलिस टीमें ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। पंजाब के सीमावर्ती जिलों अबोहर और फाजिल्का के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर के कई ठिकानों पर दबिश देकर नेटवर्क से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।
650 से अधिक शिकायतें दर्ज, 400 करोड़ के पार पहुंच सकता है आंकड़ा
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 650 से अधिक शिकायतों के तार सीधे तौर पर इस गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। शुरुआती जांच में ठगी की रकम जहां 250 करोड़ रुपये आंकी गई थी, वहीं जांच अधिकारियों का मानना है कि फर्जी बैंक खातों, शेल कंपनियों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की कड़ियां पूरी तरह जुड़ने के बाद यह आंकड़ा 400 करोड़ रुपये के पार जा सकता है। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के वित्तीय तंत्र और हवाला नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।
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