नई दिल्ली। सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक अनोखा राजनीतिक फ्रंट तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जिसका नाम है—कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आई इस वर्चुअल पार्टी ने लोकप्रियता के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) जैसी दिग्गज राजनीतिक पार्टी को भी पीछे छोड़ दिया है। इंस्टाग्राम पर इस पेज के फॉलोअर्स का आंकड़ा महज कुछ ही समय में दो करोड़ के पार पहुंच गया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।
सरकार ने लगाया बैन तो फाउंडर ने खेल दिया नया दांव
माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर भी लाखों की संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ चुके थे। हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के बीच केंद्र सरकार ने देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इस सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन इस आंदोलन के सूत्रधार और फाउंडर अभिजीत दीपके ने बिना वक्त गंवाए एक नया अकाउंट तैयार कर लिया। दिलचस्प बात यह है कि इस नए अकाउंट पर भी यूजर्स बेहद तेज रफ्तार से जुड़ रहे हैं, जो यह दिखाता है कि युवाओं के बीच इस मुहिम का क्रेज किस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है।
आखिर क्यों और कैसे वजूद में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
इस पूरी कहानी की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई सूर्यकांत के एक बयान से हुई थी। एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करते हुए कहा था कि ये बाद में मीडिया, सोशल मीडिया और आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट बन जाते हैं। इस टिप्पणी पर देश भर में भारी आक्रोश फैल गया। हालांकि, विवाद बढ़ता देख बाद में कोर्ट की तरफ से सफाई भी पेश की गई कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर और गलत संदर्भ में पेश किया है, उनका मकसद युवाओं की आलोचना करना बिल्कुल नहीं था। लेकिन तब तक तीर कमान से छूट चुका था। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय मूल के छात्र अभिजीत दीपके ने इस बयान के विरोध स्वरूप सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की नींव रख दी। देखते ही देखते यह पेज देश के बेरोजगार युवाओं, छात्रों और हक की आवाज उठाने वालों का सबसे बड़ा मंच बन गया।
भारत की नकल कर पाकिस्तान में भी खड़ी हुईं ‘कॉकरोच पार्टियां’
भारत में कॉकरोच जनता पार्टी की अपार सफलता को देखकर पड़ोसी देश पाकिस्तान भी अपनी पुरानी आदत से बाज नहीं आया। पाकिस्तान में हमेशा से भारत के ट्रेंड्स को कॉपी करने का चलन रहा है, और इस बार भी ऐसा ही हुआ। भारत में सीजेपी के हिट होते ही पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच अवामी लीग’, ‘कॉकरोच अवामी पार्टी’ और ‘मुत्तहिदा कॉकरोच मूवमेंट’ जैसे कई अजीबोगरीब नाम वाले अकाउंट्स की बाढ़ आ गई है।
क्या है इन डिजिटल पार्टियों का असली एजेंडा और फोकस?
पाकिस्तान में बनी ‘कॉकरोच अवामी पार्टी’ ने अपने सोशल मीडिया बायो में लिखा है—”युवाओं के लिए एक ऐसा पॉलिटिकल फ्रंट, जिसे युवाओं ने ही पाकिस्तान के लिए शुरू किया है।” वहीं एक अन्य पाकिस्तानी अकाउंट के बायो में लिखा गया है—”जिन्हें हुकूमत और सिस्टम ने कॉकरोच समझा, हम उन्हीं मजलूम आवाम की आवाज हैं।” इन अकाउंट्स ने बाकायदा अपने लोगो (Logo) भी डिजाइन किए हैं, जिनमें कॉकरोच की तस्वीर साफ देखी जा सकती है। इन पेजों के पोस्ट और कंटेंट को देखकर साफ पता चलता है कि इनका मुख्य एजेंडा वहां के सत्ताधारी दल और मौजूदा व्यवस्था का विरोध करना है। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या ये पार्टियां सिर्फ सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया तक ही सीमित रहेंगी या फिर भविष्य में जमीन पर उतरकर कोई बड़ा सियासी बदलाव कर पाएंगी? फिलहाल तो भारत से लेकर पाकिस्तान तक, इन कॉकरोच पार्टियों का पूरा फोकस पूरी तरह से युवाओं और उनकी समस्याओं पर ही टिका हुआ है।
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