भारत और श्रीलंका के बीच क्रिकेट के मैदान पर राइवलरी हमेशा से ही हाई-वोल्टेज रही है, लेकिन इस बार मुकाबला खत्म होने के बाद मैदान पर जो कुछ भी हुआ उसने खेल भावना को शर्मसार कर दिया है। दांबुला में इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले के बाद मैदान पर खिलाड़ियों के बीच हुई हिंसक झड़प का मामला अब पूरी तरह तूल पकड़ चुका है। भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ मैदान पर बदसलूकी और धक्का-मुक्की करने के मामले को श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने बेहद गंभीरता से लिया है। बोर्ड ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अपने देश के खिलाड़ियों पर बड़ी अनुशासनात्मक गाज गिरा दी है।
क्रिकबज की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनुशासनात्मक कार्रवाई की लपेटे में श्रीलंका टीम के अनुभवी और सीनियर खिलाड़ी निरोशन डिकवेला भी आ गए हैं, हालांकि डिकवेला के खिलाफ एक्शन की वजह थोड़ी अलग और हैरान करने वाली है।
सुपर ओवर के बाद हाई ड्रामा, वैभव सूर्यवंशी और विशेन हलम्बगे में तीखी बहस
दरअसल, इस पूरे फसाद की शुरुआत 15 जून 2026 को दांबुला के मैदान पर खेले गए मैच के ठीक बाद हुई। इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच का यह मुकाबला इतना कड़ा था कि मैच का नतीजा निकालने के लिए ‘सुपर ओवर’ का सहारा लेना पड़ा। मैच बेहद रोमांचक अंदाज में खत्म तो हो गया, लेकिन असली ड्रामा इसके बाद शुरू हुआ। मुकाबला समाप्त होने के बाद जब दोनों टीमों के खिलाड़ी हाथ मिला रहे थे, तभी अचानक मैदान पर खिलाड़ी आमने-सामने आ गए।
भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के खिलाड़ी विशेन हलम्बगे के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों ओर से जुबानी जंग इतनी बढ़ गई कि बात हाथपाई और धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। मैदान पर अचानक पैदा हुए इस तनाव को देखकर हर कोई हैरान रह गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मैच रेफरी प्रदीप जयप्रगाश ने इस पूरी घटना का बारीकी से रिव्यू किया और अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को सौंपी, जिसके बाद बोर्ड ने तुरंत एक्शन मोड में आते हुए कार्रवाई का डंडा चला दिया।
श्रीलंकाई क्रिकेटरों पर भारी जुर्माना, मैच फीस में बड़ी कटौती
सामने आ रही रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका क्रिकेट ने उन सभी श्रीलंकाई खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया है और दंडित किया है जो मैच खत्म होने के बाद हुई इस अमर्यादित घटना और विवाद में सीधे तौर पर शामिल थे। हालांकि, बोर्ड ने अपनी साख को ध्यान में रखते हुए अभी तक आधिकारिक तौर पर यह सार्वजनिक नहीं किया है कि किस खिलाड़ी को कितनी सजा मिली है और कितनी रकम का जुर्माना लगा है। लेकिन सूत्रों का दावा है कि मर्यादा लांघने वाले और झगड़े में शामिल खिलाड़ियों की मैच फीस में भारी-भरकम कटौती की गई है।
इस बीच भारतीय फैंस के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस घटना को लेकर किसी भारतीय खिलाड़ी के खिलाफ भी मैच रेफरी या बीसीसीआई ने कोई कदम उठाया है? तो आपको बता दें कि फिलहाल इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि टीम इंडिया के किसी खिलाड़ी पर कोई कार्रवाई हुई है या नहीं।
बीच-बचाव करने उतरे सीनियर खिलाड़ी निरोशन डिकवेला पर भी गिरा एक्शन का डंडा
इस पूरे घटनाक्रम और हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली बात सामने आई है। श्रीलंका ए टीम के सबसे अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला भी बोर्ड की इस बड़ी कार्रवाई से खुद को बचा नहीं पाए। मजेदार बात यह है कि जब मैदान पर भारतीय युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के विशेन हलम्बगे के बीच तीखी झड़प हो रही थी, तब सीनियर खिलाड़ी होने के नाते डिकवेला ने ही बीच-बचाव किया था। उन्होंने दोनों युवा खिलाड़ियों को अलग किया और मामले को शांत कराने की पूरी कोशिश की थी।
तो फिर डिकवेला पर एक्शन क्यों हुआ? दरअसल, डिकवेला पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई सूर्यवंशी और हलम्बगे के बीच हुए झगड़े के कारण नहीं, बल्कि मैच के दौरान उनके खुद के बर्ताव की वजह से हुई है। उन पर लाइव मैच के दौरान अंपायर से जरूरत से ज्यादा, आक्रामक और अवांछित अपील करने का दोषी पाया गया है, जिसे आईसीसी के नियमों का उल्लंघन माना गया। इसी के चलते अंपायर की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए बोर्ड ने उन्हें भी सजा का भागीदार बनाया है।
voice of india
