औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित नगर थाना क्षेत्र से इंसानियत को तार-तार कर देने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है। सिंचाई कॉलोनी के पास एक सुनसान जर्जर भवन में नेपाल की रहने वाली एक विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की घटना को अंजाम दिया गया। दरिंदगी की हद तो तब पार हो गई जब वारदात के वक्त आरोपी महिला के मासूम बच्चे को चुप कराने के लिए उसके हाथ में मोबाइल थमाए रहे और गुनाह कबूलने के बजाय पीड़िता के मुंह पर 100 रुपये का नोट फेंककर फरार हो गए।
पुलिस ने मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल दो बालिग आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है।
बच्चे को घुमाने के बहाने टोटो में बैठाया, फिर सुनसान भवन में की दरिंदगी
पीड़िता मूल रूप से नेपाल की रहने वाली है और करीब तीन साल पहले उसकी शादी औरंगाबाद में एक चाय विक्रेता से हुई थी। पीड़िता के अनुसार, 21 जुलाई की शाम करीब 5 बजे वह अपने घर के बाहर खड़ी थी। तभी मोहल्ले का ही एक 15 वर्षीय नाबालिग ई-रिक्शा (टोटो) लेकर पहुंचा और बच्चे को घुमाने का झांसा देकर महिला को बैठा लिया।
टोटो में पहले से दो अन्य युवक जीतू उर्फ पाली (राकेश कुमार) और अभिषेक कुमार सवार थे। आरोपी पीड़िता और उसके बच्चे को पहले बाईपास की ओर ले गए और फिर सोन कॉलोनी स्थित शिव मंदिर के पास बने एक पुराने जर्जर भवन में ले जाकर मारपीट की और बारी-बारी से जबरन शारीरिक संबंध बनाया। दरिंदगी के बाद आरोपी पीड़िता को पानी की टंकी के पास बदहवास हालत में छोड़कर भाग निकले।
त्वरित कार्रवाई: 2 आरोपी पहुंचे जेल, नाबालिग बाल सुधार गृह भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी कर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार बालिग आरोपियों की पहचान महुआ शहीद निवासी राकेश कुमार (पिता दुखहरण राम) और नवादा निवासी अभिषेक कुमार (पिता सुधीर साव) के रूप में हुई है।
पुलिस ने पीड़िता का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया और अदालत में 164 के तहत बयान दर्ज कराए हैं। नगर थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार दोनों बालिग आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दरिंदों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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