Tuesday , 22 September 2026

Ghaziabad Traffic Rules: गाजियाबाद में 1 अक्टूबर से बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, पंपों पर स्कैन होगा नंबर; चालान भी कटेगा

गाजियाबाद । दिल्ली से सटे गाजियाबाद में वाहन चलाने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी किया गया है। आगामी 1 अक्टूबर 2026 से जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) वाले वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। जिला पूर्ति विभाग ने प्रदूषण की रोकथाम और नियमों के कड़ाई से पालन के लिए जिले भर के सभी ईंधन स्टेशनों को स्पष्ट दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे 30 सितंबर से पहले अपने वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता की जांच कर लें और जरूरत पड़ने पर तुरंत नवीनीकरण कराएं।

विशेष ऐप से स्कैन होगा नंबर, अमान्य PUC पर ईंधन देने से सीधा इनकार

जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) अमित कुमार तिवारी ने व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि 1 अक्टूबर से प्रभावी होने वाले इस नियम को लागू कराने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए गाजियाबाद के सभी पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों के मोबाइल अथवा डिवाइस में एक विशेष विभागीय ऐप इंस्टॉल कराया गया है।

इस व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप पर आते ही वाहन की नंबर प्लेट को ऐप के माध्यम से स्कैन किया जाएगा। सॉफ्टवेयर तुरंत डेटाबेस से मिलान कर यह दर्शा देगा कि वाहन का पीयूसी वैध है या समाप्त हो चुका है। यदि प्रमाण पत्र की मियाद खत्म पाई गई, तो पंप कर्मचारी वाहन में पेट्रोल या डीजल डालने से सीधे तौर पर मना कर देंगे।

30 सितंबर तक नवीनीकरण की अंतिम मोहलत, कागजात दुरुस्त करने की अपील

जिला पूर्ति विभाग ने समस्त वाहन स्वामियों को अग्रिम चेतावनी देते हुए कहा है कि वे 30 सितंबर तक अपने वाहनों के दस्तावेजों की पड़ताल पूरी कर लें। यदि पीयूसी समाप्त हो चुका है या अगले कुछ दिनों में उसकी वैधता खत्म हो रही है, तो बिना देरी किए अधिकृत केंद्रों से नया प्रमाण पत्र जारी करवा लें। समय रहते नवीनीकरण कराने से 1 अक्टूबर के बाद पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाते समय किसी भी तरह की असहजता या विवाद से बचा जा सकेगा।

ईंधन पर रोक के साथ कटेगा भारी चालान, पंप संचालकों को जारी हुए कड़े निर्देश

जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के सड़कों पर उतरने वालों को केवल ईंधन से ही वंचित नहीं किया जाएगा, बल्कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा नियमों के तहत भारी जुर्माने और चालान की दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए प्रवर्तन टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त निगरानी व्यवस्था तैयार की जा रही है।

जिले के समस्त पेट्रोल पंप संचालकों और डीलरों को भी दो-टूक निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे इस नियम का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें और बिना जांच व अमान्य पीयूसी वाले वाहनों को कतई ईंधन उपलब्ध न कराएं।

एनसीआर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने की बड़ी प्रशासनिक पहल

जिला प्रशासन के अनुसार, सर्दियों के मौसम से ठीक पहले यह सख्त कदम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वाहनों के धुएं से होने वाले वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाने के मकसद से उठाया गया है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य वाहन मालिकों को समयबद्ध तरीके से उत्सर्जन मानकों का पालन करने और अपने वाहनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के प्रति जिम्मेदार बनाना है।

 

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