लखनऊ। जनस्वास्थ्य और मासूम जिंदगियों से खिलवाड़ करने वाले नकली दवा कारोबारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक अंतरराज्यीय कार्रवाई की है। लखनऊ से शुरू हुई जांच की आंच उत्तराखंड के देहरादून तक जा पहुंची, जहां अवैध दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य की फर्जी दवाएं, रैपर्स और भारी औद्योगिक मशीनरी जब्त की गई है।
FSDA मुख्यालय उत्तर प्रदेश की विशेष टीम, गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और उत्तराखंड FSDA की संयुक्त टीम ने इस संगठित नेक्सस का पर्दाफाश कर पूरे गिरोह की कमर तोड़ दी है।
लखनऊ के अमीनाबाद से खुला था काला कारनामा
इस पूरे रैकेट की कड़ियां 19 जुलाई 2026 को लखनऊ के अमीनाबाद इलाके में हुई छापेमारी से जुड़ी हैं। वहां नकली दवाओं के भंडारण और खरीद-बिक्री के भंडाफोड़ के बाद एफआईआर दर्ज कर 8 आरोपियों को नामजद किया गया था और 43 तरह की नकली दवाएं जब्त की गई थीं।
जब मुख्य आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो पता चला कि इन नकली दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट देहरादून के ईस्ट होपटाउन में गुपचुप तरीके से चलाई जा रही है, जबकि इसकी सप्लाई गाजियाबाद और लखनऊ के रास्ते अलग-अलग राज्यों में की जा रही थी।
देहरादून की सीक्रेट फैक्ट्री पर छापा: आलू-आलू पैकिंग मशीन और ब्रांडेड रैपर्स बरामद
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर संयुक्त टीम ने देहरादून स्थित परिसर पर धावा बोला। एक बंद कमरे के भीतर अवैध रूप से संचालित हाई-टेक दवा फैक्ट्री देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। मौके से:
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भारी औद्योगिक आलू-आलू (Alu-Alu) पैकिंग मशीन
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स्ट्रिप मशीन, इंकजेट बेल्ट प्रिंटर और हाई-वोल्टेज स्टेबलाइजर
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सिप्ला (Cipla), डॉ. रेड्डीज (Dr. Reddy’s), इंटास (Intas), ल्यूपिन (Lupin) जैसी नामी कंपनियों के नकली रैपर्स और मास्टर कार्टन
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Clavactam 625 और Razo-D Capsules जैसे बहुचर्चित ब्रांड्स के फिनिश्ड व सेमी-फिनिश्ड प्रोडक्ट्स बरामद किए गए।
उत्तराखंड FSDA की टीम ने मौके से दवाओं के 5 सैंपल लेकर लैब टेस्ट के लिए भेज दिए हैं और बाकी दवाइयों व भारी मशीनों को सील कर दिया है।
2 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगनाओं पर कसेगा शिकंजा
इस कार्रवाई के दौरान दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य सहयोगियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है:
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राजेन्द्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा (निवासी रुड़की, हरिद्वार) — फैक्ट्री संचालक/सप्लायर (गिरफ्तार)
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विनय चंद — मकान मालिक एवं सहयोगी (गिरफ्तार)
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गौरव त्यागी एवं विपिन भटनागर — सह-फैक्ट्री संचालक (नामजद, तलाश जारी)
“मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के तहत प्रदेश में नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति लागू है। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट के हर एक मोहरे और मास्टरमाइंड को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।” — आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपी)
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