
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से शिक्षक और छात्र की मर्यादा को तार-तार करने वाला शर्मनाक मामला सामने आया है। क्लासरूम के भीतर एक मासूम छात्र के सिर पर हाथ से तबला बजाने जैसी अशोभनीय हरकत करने वाले प्रिंसिपल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हेडमास्टर की इस हरकत पर कक्षा के अन्य बच्चे हंसते हुए नजर आ रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आ गया और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्लासरूम बना तमाशा: मुंडन वाले सिर पर थपकी देते दिखे हेडमास्टर रोंगटे खड़े कर देने वाली यह घटना इटावा जिले के बिरौली स्थित प्राथमिक विद्यालय की है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में स्कूल के प्रिंसिपल दिनेश कुमार क्लासरूम के अंदर एक छात्र के सिर पर दोनों हाथों से थाप देते हुए तबला बजाने जैसी हरकत करते साफ देखे जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, छात्र का कुछ ही दिन पहले मुंडन संस्कार हुआ था। शिक्षक की इस अमर्यादित हरकत के दौरान पूरी कक्षा में मौजूद अन्य मासूम बच्चे जोर-जोर से हंस रहे थे, जिससे पीड़ित छात्र खुद को बेहद असहज और अपमानित महसूस कर रहा था। जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक मंचों पर वायरल हुआ, लोगों ने शिक्षक के इस आचरण पर कड़ा आक्रोश जताया।
छात्र की गरिमा के खिलाफ आचरण, BSA ने जारी किया निलंबन आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राजेश कुमार ने कड़ा रुख अपनाया और प्रिंसिपल दिनेश कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि शिक्षक का यह अशोभनीय व्यवहार किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और यह छात्र की गरिमा, मानसिक स्थिति और शैक्षणिक वातावरण के पूरी तरह खिलाफ है। निलंबन अवधि के दौरान दिनेश कुमार को सैफई स्थित खंड शिक्षा संसाधन केंद्र (BRC) से संबद्ध कर दिया गया है। विभागीय नियमों के अनुसार, उन्हें निलंबन काल में जीवन निर्वाह भत्ता और अनुमन्य भत्ते ही दिए जाएंगे।
15 दिन में तलब की गई जांच रिपोर्ट, सैफई बीआरसी से अटैच बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए बसरेहर के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) उदय सिंह राज को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच अधिकारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ आरोप पत्र जारी करने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपें। इस दौरान वीडियो के हर पहलू, क्लासरूम में मौजूद बच्चों और स्टाफ के बयानों की पड़ताल की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ आगे की कड़ी विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।
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