नई दिल्ली। मई महीने की शुरुआत ने इस बार देशवासियों को हैरान कर दिया है। जहां एक ओर कैलेंडर के हिसाब से सूरज को आग उगलनी चाहिए थी, वहीं देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। लेकिन क्या यह राहत बरकरार रहेगी? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मई 2026 के लिए जो ताजा पूर्वानुमान जारी किया है, वह मिला-जुला असर दिखाने वाला है। एक तरफ मानसून की आहट है, तो दूसरी तरफ ‘लू’ (Heatwave) का खतरा भी मंडरा रहा है।
मानसून की दस्तक: 14 मई के आसपास अंडमान पहुंचेगा ‘मेघराज’
मौसम प्रेमियों और किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी मानसून इस बार समय से पहले दस्तक दे सकता है। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में मानसून के 14 से 16 मई के बीच पहुंचने की प्रबल संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो जून की शुरुआत तक केरल के तटों पर बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि मई के दौरान पूरे देश में औसत वर्षा सामान्य से अधिक रहने वाली है।
सावधान! इन राज्यों में सताएगी भीषण लू (Heatwave Alert)
भले ही बारिश राहत दे रही हो, लेकिन सूरज की तपिश कम नहीं होने वाली। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि मई में गुजरात, महाराष्ट्र, पूर्वी तटीय राज्यों और हिमालय के तराई क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चलने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य रह सकता है, लेकिन दोपहर की गर्मी प्रचंड रूप दिखाएगी।
दिल्ली-NCR और राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में रहने वालों के लिए अगले एक हफ्ते तक मौसम मेहरबान रहेगा। आसमान में बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में गिरावट आएगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 4 और 5 मई को दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं, राजस्थान में ओलावृष्टि के बाद विभाग ने जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर समेत कई संभागों में 6 मई तक आंधी और बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
अल नीनो का साया: क्या बिगड़ेगा मानसून का खेल?
मौसम विभाग की नजरें इस समय प्रशांत महासागर में हो रही हलचल पर भी टिकी हैं। वर्तमान में ‘अल नीनो’ की स्थितियां विकसित हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून के मौसम के दौरान अल नीनो का प्रभाव बढ़ सकता है, जो आमतौर पर कम बारिश का कारण बनता है। हालांकि, शुरुआत में सामान्य से अधिक बारिश के संकेत उत्साहजनक हैं।
पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में इस हफ्ते कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहाँ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 7 मई तक बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।
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