कानपुर: कानपुर के चकेरी इलाके से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने समाज और रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। एक तरफ जहां देश बेटियों को पढ़ाने और बचाने की बात कर रहा है, वहीं एक रिटायर्ड सूबेदार मेजर की डॉक्टर बेटी रुबिया खान को दहेज के लोभी और राजनीतिक रसूख में अंधे ससुराल वालों ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए यातनाएं दीं। दहेज की मांग पूरी न होने पर न केवल रुबिया को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसकी कोख में पल रहे दो मासूमों को भी साजिशन मौत के घाट उतार दिया गया।
सुहागरात से शुरू हुई प्रताड़ना, 50 लाख की बलि चढ़ा रिश्ता
रुबिया और सम्भल निवासी मोहम्मद ताजदार आलम का निकाह मार्च 2022 में हुआ था। पिता ने अपनी जीवन भर की पूंजी और कर्ज लेकर बेटी की शादी में करीब 50 लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन विदाई के बाद ही रुबिया के सपनों का महल ढहने लगा। पति ने पहली ही रात साफ कर दिया कि उसने यह शादी सिर्फ दहेज के लिए की है और वह किसी और से प्यार करता है। ससुराल वालों ने न केवल रुबिया का स्त्रीधन छीन लिया, बल्कि 10 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करते हुए उसे बासी और नशीला खाना देना शुरू कर दिया।
कोख में कत्ल: दो बार साजिशन छीनी ममता
रुबिया के साथ हुई दरिंदगी का सबसे काला अध्याय उसके गर्भ में पल रहे बच्चों की मौत है। आरोप है कि जब रुबिया गर्भवती हुई, तो ससुराल वालों ने उसके खाने में कुछ मिलाकर देना शुरू किया, जिससे जनवरी 2023 में उसके पहले बच्चे की पेट में ही मौत हो गई। सितंबर 2024 में जब वह दोबारा गर्भवती हुई, तो वही खौफनाक खेल दोहराया गया। तड़पती रुबिया को तीन दिनों तक इलाज नहीं दिया गया, जिससे दूसरे बच्चे की भी कोख में जान चली गई और रुबिया खुद मौत के मुंह से वापस आई।
ननदोई की अश्लीलता और पति का खौफनाक साथ
रुबिया की आपबीती यहीं खत्म नहीं होती। आरोप है कि उसके ननदोई मोहम्मद शोएब ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। जब रुबिया ने आवाज उठाई, तो मदद करने के बजाय ससुराल वालों ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए और पति ने चाकू की नोक पर उसे खामोश रहने की धमकी दी। प्रताड़ना से तंग आकर रुबिया ने कानपुर में अपनी बच्ची आयशा को जन्म दिया, लेकिन यहां भी उसे पति की बेवफाई का पता चला, जिसने बिना तलाक दिए अपनी प्रेमिका से शादी कर ली थी।
रसूख के आगे पुलिस बेबस? कमिश्नर के दखल के बाद 13 धाराओं में FIR
आरोपी परिवार का सियासी रसूख इतना है कि सास पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं और उनके संबंध प्रभावशाली नेताओं से हैं। इसी दबाव के चलते चकेरी पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि, पुलिस कमिश्नर के कड़े रुख के बाद अब पति ताजदार आलम, ससुर रागिब हुसैन और सास सहित अन्य आरोपियों पर 13 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी पति की हेकड़ी का आलम यह है कि उसने जांच अधिकारी तक को कानून पढ़ने की नसीहत दे डाली।
फिलहाल, चकेरी इंस्पेक्टर अजय मिश्रा का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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