Wednesday , 8 July 2026

दिल्ली वालों सावधान! अब ट्रैफिक नियम तोड़ा तो 6 महीने के लिए छिनेगा ड्राइविंग लाइसेंस, दोबारा पाने के लिए करना होगा ये खास काम !

नई दिल्ली। अगर आप देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर वाहन दौड़ाते हैं और ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेने की आदत है, तो अपनी यह आदत तुरंत बदल लीजिए। दिल्ली सरकार अब बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले लापरवाह चालकों पर बेहद सख्त शिकंजा कसने जा रही है। नए और कड़े प्रावधानों के तहत अगर अब आपने कोई गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन किया, तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस पूरे छह महीने के लिए सस्पेंड (निलंबित) कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, निलंबन की अवधि खत्म होने के बाद भी आपको आसानी से लाइसेंस वापस नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए आपको दो दिनों की एक अनिवार्य ट्रेनिंग और काउंसिलिंग से गुजरना होगा।

नियमों को ठेंगा दिखाने वालों पर परिवहन विभाग की टेढ़ी नजर

परिवहन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बेहद सख्त नियम का खाका पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। जैसे ही सरकार से इसे अंतिम मंजूरी मिलती है, इसे तत्काल प्रभाव से जमीन पर लागू कर दिया जाएगा। दरअसल, इससे पहले गंभीर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर ड्राइविंग लाइसेंस को तीन महीने के लिए निलंबित किया जाता था, जिसे बाद में बढ़ाकर छह महीने किया गया। लेकिन विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई कि सिर्फ निलंबन की अवधि बढ़ाने से वाहन चालकों के अड़ियल व्यवहार में कोई खास बदलाव नहीं आया। लोग बेखौफ होकर बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते रहे और सिर्फ जुर्माना भरकर या सस्पेंशन की मियाद पूरी होने के बाद फिर से वही पुरानी गलतियां दोहराने लगे। इसी ढुलमुल रवैए को खत्म करने के लिए अब यह नया दांव खेला गया है।

लाइसेंस वापस चाहिए तो पास करनी होगी ‘ट्रैफिक की पाठशाला’

नए कड़े नियमों के मुताबिक, जिन भी चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस गंभीर लापरवाही के कारण सस्पेंड किया जाएगा, उन्हें छह महीने पूरे होने के बाद अपना लाइसेंस दोबारा एक्टिवेट कराने या वापस पाने के लिए दो दिन की विशेष ट्रेनिंग और काउंसिलिंग सेशन में हिस्सा लेना अनिवार्य होगा। इस कड़े प्रशिक्षण के दौरान सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा चालकों को रोड सेफ्टी, ट्रैफिक नियमों की बारीकियों, सुरक्षित ड्राइविंग के तौर-तरीकों, सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों और एक जिम्मेदार नागरिक बनने का पाठ पढ़ाया जाएगा। सरकार और विभाग का मानना है कि इस अनिवार्य काउंसलिंग से चालकों की मानसिकता और सड़कों पर गाड़ी चलाने के व्यवहार में बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

दिल्ली में हर दिन सस्पेंड हो रहे हैं 25 से 30 लाइसेंस

राजधानी की सड़कों पर अनुशासनहीनता का आलम यह है कि मौजूदा समय में ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार), ड्रिंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाना), रॉन्ग साइड ड्राइविंग (गलत दिशा में वाहन चलाना) और खतरनाक तरीके से अचानक गाड़ी मोड़ने जैसे गंभीर मामलों में हर दिन औसतन 25 से 30 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है कि दिल्ली के वाहन चालक न सिर्फ राजधानी बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी जमकर नियम तोड़ रहे हैं। अकेले राजस्थान से हर दिन ऐसे दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं, जहां दिल्ली के नंबर वाले वाहनों द्वारा नियम तोड़ने पर वहां की पुलिस दिल्ली परिवहन विभाग को लाइसेंस सस्पेंड करने की सिफारिशें भेज रही है।

सिर्फ सजा नहीं, व्यवहार बदलने की अनूठी कोशिश

सड़कों पर मचे इस हुड़दंग को शांत करने और लोगों को जागरूक करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस भी पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसके तहत शहर के प्रमुख और व्यस्त चौराहों पर विशेष ‘ट्रैफिक पाठशाला’ चलाई जा रही है। इस पाठशाला में नियम तोड़ने वालों और आम चालकों को रोककर सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया जा रहा है। परिवहन विभाग के आला अधिकारियों का मानना है कि देश में होने वाले अधिकांश सड़क हादसे मानवीय लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का नतीजा होते हैं। ऐसे में नियम तोड़ने वालों को केवल आर्थिक दंड या सजा देने के बजाय अगर सही ढंग से री-ट्रेनिंग दी जाए, तो सड़कों पर होने वाले हादसों और असमय होने वाली मौतों के आंकड़ों में भारी कमी लाई जा सकती है।

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