श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। शुक्रवार (31 जुलाई) की शाम केल्लाम इलाके में आतंकियों ने दो निहत्थे गैर-कश्मीरी मजदूरों पर गोलियां बरसा दीं। इस ताबड़तोड़ फायरिंग में छत्तीसगढ़ के एक 24 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर गंभीर रूप से घायल है। घटना की भयावहता को देखते हुए सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया है।
इस कायराना आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है।
3 से 4 राउंड फायरिंग से थर्राया केल्लाम, छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे पीड़ित
जानकारी के मुताबिक, यह वारदात रात करीब 8:30 बजे हुई जब केल्लाम इलाके में 3 से 4 राउंड अंधाधुंध फायरिंग की आवाजें सुनी गईं। आतंकियों ने बिना संभलने का मौका दिए गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया।
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मृतक: 24 वर्षीय दीपक रात्रे (पुत्र उमाशंकर रात्रे, निवासी- छत्तीसगढ़)। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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घायल: 28 वर्षीय भोपिंदर (पुत्र दशरथ, निवासी- छत्तीसगढ़)। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत जीएमसी अनंतनाग (GMC Anantnag) रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की कड़ी निंदा, आतंकियों को मिट्टी में मिलाने के निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने महानिदेशक पुलिस (DGP) नलिन प्रभात और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया है।
उपराज्यपाल का सख्त संदेश: “सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और इस हमले में शामिल दरिंदों को जल्द से जल्द ढेर करने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।”
10 दिनों के भीतर दूसरा बड़ा हमला, इलाके में दहशत का माहौल
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब महज 10 दिन पहले अनंतनाग शहर में आतंकियों ने एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इससे पहले 7 फरवरी 2024 को भी श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में आतंकियों ने पंजाब निवासी दो मजदूरों, अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
घाटी में गैर-स्थानीय मजदूरों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाओं से खौफ का माहौल है। फिलहाल जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना की संयुक्त टुकड़ियों ने कुलगाम के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया है और भगोड़े आतंकियों की तलाश तेज कर दी है।
नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए हमलों की टाइमलाइन
- फरवरी 2024: श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके में आतंकियों ने पंजाब के दो गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाकर गोली मार दी थी. इस हमले में दोनों की मौत हो गई थी.
- 9 जून 2024, रियासी बस हमला: आतंकियों ने रियासी में हिंदू तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर घात लगाकर हमला किया. इस हमले में 9 लोगों की मौत हुई थी.
- अक्टूबर 2024, गगनगीर-सोनमर्ग हमला: आतंकियों ने सोनमर्ग के पास एक निर्माण शिविर में रह रहे मजदूरों पर गोलीबारी की. हमले में 6 प्रवासी मजदूरों और एक स्थानीय डॉक्टर समेत 7 लोगों की मौत हुई थी.
- 22 अप्रैल 2025, पहलगाम आतंकी हमला: पहलगाम के बैसरन में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें एक स्थानीय व्यक्ति भी शामिल था.मजदूरों को निशाना बनाने का आखिरी हमला 2024 में श्रीनगर में हुआ था.
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