
नई दिल्ली। देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों में कामकाज 28 सितंबर से ठप हो सकता है। बैंक कर्मचारियों के प्रमुख संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि वह बैंकिंग क्षेत्र के लगभग 90 फीसदी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। हड़ताल के चलते शाखाओं में चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है, जिसके मद्देनजर बैंकों ने ग्राहकों को समय रहते जरूरी वित्तीय काम निपटाने की सलाह दी है।
रविवार 27 सितंबर को खुली रहेंगी सरकारी बैंकों की शाखाएं
हड़ताल के कारण आम जनता और व्यापारियों को नकदी व अन्य बैंकिंग जरूरतों में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। सरकार के निर्देशानुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों को 27 सितंबर (रविवार) को भी अपनी शाखाएं खुली रखने का आदेश दिया गया है, ताकि उपभोक्ता हड़ताल शुरू होने से पहले ही अपने अटके काम पूरे कर सकें।
5-डे बैंकिंग की मांग पर अड़े कर्मचारी संगठन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की मुख्य मांगों में सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करते हुए देश में ‘5-डे बैंकिंग’ (सप्ताह में पांच कार्य दिवस) व्यवस्था लागू करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से यह मांग विचाराधीन है और इस पर अब तक ठोस फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने हाल ही में कर्मचारी संगठनों से हड़ताल टालने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की थी। मंत्रालय का कहना है कि संगठनों की अधिकांश चिंताओं का पहले ही काफी हद तक समाधान किया जा चुका है।
SBI और बैंक ऑफ इंडिया ने जारी की एडवाइजरी, डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल की सलाह
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने ग्राहकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एसबीआई का कहना है कि हड़ताल के दौरान शाखाओं में आवश्यक सेवाएं सुचारू रखने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे, लेकिन परिचालन आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है। बैंक ने ग्राहकों से 28 तारीख से पहले जरूरी काम पूरा करने और हड़ताल के दौरान कैश के लिए एटीएम व डिजिटल जरूरतों के लिए योनो ऐप, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई का उपयोग करने की अपील की है।
इसी तरह बैंक ऑफ इंडिया ने भी ग्राहकों को सलाह दी है कि वे 28, 29 और 30 सितंबर के दौरान शाखाओं के बजाय 24 घंटे चलने वाले एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और बैंक मित्र (बीसी) केंद्रों का सहारा लें। इस देशव्यापी आंदोलन में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) भी शामिल रहेंगे। पुराने निजी क्षेत्र के कर्नाटक बैंक ने भी ग्राहकों को सूचित किया है कि हड़ताल की स्थिति में शाखाओं और प्रशासनिक कार्यालयों का सामान्य कामकाज बाधित हो सकता है।
HDFC, ICICI समेत नए प्राइवेट बैंक रहेंगे पूरी तरह चालू
इस तीन दिवसीय हड़ताल का असर नए निजी क्षेत्र के बैंकों पर नहीं पड़ेगा। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे प्रमुख निजी बैंक सामान्य दिनों की तरह काम करते रहेंगे। इन बैंकों की शाखाएं खुली रहेंगी और इनकी इन-हाउस सेवाएं पूरी तरह सुचारू रहेंगी। हालांकि, इंटर-बैंक चेक क्लीयरेंस प्रणाली पर हड़ताल का आंशिक असर पड़ सकता है।
voice of india