अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (10 जुलाई) रामनगरी अयोध्या पहुंचे। सीएम योगी ने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए 432 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति पर घेरते हुए कहा कि इन लोगों ने हमारे पवित्र हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का पाप किया था।
आस्था के नाम पर वोट मांगने वालों ने अयोध्या को दिया सिर्फ पहचान का संकट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर अयोध्या की उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “एक लंबे समय तक हमारी अयोध्या उपेक्षित रही। न सड़क थी, न बिजली और न पानी। बगल में मां सरयू बह रही थीं, तब भी अयोध्यावासी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। गंदगी ही यहां की पहचान बन चुकी थी।” विपक्ष पर बरसते हुए उन्होंने आगे कहा, “ये जो लोग आज आस्था की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, इन्होंने तो हमारे पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किया था। कल्पना करो, क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा पाएगा? क्या वहां की सरकारें या सपा-कांग्रेस ऐसा करवा पाएंगी? अगर नहीं, तो अयोध्या में यह पाप क्यों करवाया गया था और इसके पीछे कौन था?”
निषाद राज और महर्षि वाल्मिकी के नाम पर विपक्ष को हो रही है मिर्ची
सीएम योगी ने अयोध्या के बदलते स्वरूप की तारीफ करते हुए कहा कि आज अयोध्या तीनों लोकों से न्यारी और वैभवशाली दिख रही है, वहां की गलियां चमक रही हैं। उन्होंने कहा, “कोई सोच भी नहीं सकता था कि अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन पाएगा। समाजवादी पार्टी के लोग इसका विरोध करते थे और जमीन के नाम पर लोगों को गुमराह करते थे। आज महर्षि वाल्मिकी के नाम पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर तैयार है और देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ चुका है।” सीएम ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे यह सब नहीं कर पाए थे। उन्हें इस बात का बुरा लग रहा है कि एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मिकी और रैन बसेरे का नाम निषाद राज गुह के नाम पर क्यों रख दिया गया।
श्रृंगवेरपुर की ऐतिहासिक जमीन को वक्फ बोर्ड के नाम करने की थी साजिश
मंच से हुंकार भरते हुए मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस गठबंधन पर एक और बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने श्रृंगवेरपुर में भगवान राम और निषादराज के ऐतिहासिक मिलन स्थल की पावन भूमि को वक्फ बोर्ड के नाम पर कब्जा कराने की पूरी कोशिश की थी। यह इन लोगों की सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले भी नहीं रोक पाए रामलला का भव्य मंदिर
मुख्यमंत्री ने जनता को पुराना दौर याद दिलाते हुए कहा कि यही सोच का अंतर है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों ने हमेशा राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं, भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न चिह्न लगाने का प्रयास किया और अयोध्या आने वाले रामभक्तों पर गोलियां तक चलवाईं। इन लोगों ने अयोध्या के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था, लेकिन जैसे ही उत्तर प्रदेश और केंद्र में डबल इंजन की सरकार आई, सारे अवरोध खत्म हो गए। आज अयोध्या में भगवान राम का भव्य और दिव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है और इसे दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं पाई।
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