Saturday , 11 July 2026

कश्मीर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: शोपियां एनकाउंटर के चौथे दिन लश्कर का टॉप कमांडर जाकिर गनई ढेर, घने बाग से शव और हथियार बरामद

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से आतंकवाद के खिलाफ जारी जंग में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पिछले चार दिनों से घने बागों के बीच चल रही भीषण मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद बुधवार को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप कमांडर जाकिर गनई का शव बरामद कर लिया गया है। मारे गए खूंखार आतंकवादी के शव के पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद और आधुनिक हथियार भी मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में दूसरे आतंकी की तलाश के लिए अभी भी बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

CCTV में कैद होने के बाद शनिवार से शुरू हुई थी घेराबंदी

इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत बीते शुक्रवार और शनिवार को हुई थी। शनिवार को शोपियां के मीमंदर इलाके में लगे सर्विलांस कैमरों (CCTV) में दो संदिग्ध आतंकवादियों की हलचल रिकॉर्ड हुई थी। इनपुट पक्का होते ही भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी। शनिवार को ही आतंकियों से पहला आमना-सामना हुआ और दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। आखिरकार चार दिन की कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार को शोपियां के चानपोरा गांव के पास से कमांडर जाकिर गनई का शव बरामद हुआ।

घने बागों के भीतर छिपकर सेना पर की थी फायरिंग

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों का यह आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। लश्कर के ये दोनों आतंकवादी शोपियां के बेहद घने बागों के अंदर छिपकर बैठे थे। जब सेना की पेट्रोलिंग टीम ने उन्हें सरेंडर करने को कहा, तो आतंकियों ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। रविवार को रात भर रुके रहने के बाद सोमवार सुबह से ऑपरेशन का दूसरा फेज और आक्रामक तरीके से शुरू किया गया। बागों की सघनता और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे, जिसके कारण सेना ने पूरे मीमंदर और चानपोरा क्षेत्र की सुरक्षा ग्रिड को बेहद कड़ा कर दिया था।

कुलगाम के रहने वाले थे दोनों आतंकी, 2024 से सक्रिय था जाकिर

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, बाग में फंसे इन दोनों लश्कर के आतंकवादियों की पहचान जाकिर और लतीफ के रूप में हुई थी। यह दोनों मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के निवासी थे। मारा गया टॉप कमांडर जाकिर गनई साल 2024 से ही प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए काम कर रहा था और घाटी में कई बड़ी आतंकी वारदातों में वांछित था, जबकि उसका साथी लतीफ पिछले साल ही इस संगठन की काली दुनिया में शामिल हुआ था।

दूसरे आतंकी की तलाश में चप्पा-चप्पा छान रही सेना

जाकिर गनई के मारे जाने और उसका शव बरामद होने के बाद भी सुरक्षा बलों ने राहत की सांस नहीं ली है। चूंकि सीसीटीवी में दो आतंकवादी देखे गए थे, इसलिए दूसरे आतंकी लतीफ की तलाश में सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। चानपोरा और आसपास के गांवों की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि दूसरा आतंकी बचकर भाग न सके। सेना ड्रोन कैमरों और स्निफर डॉग्स की मदद से बागों का चप्पा-चप्पा छान रही है।

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