Saturday , 17 October 2026

यूपी चुनाव से पहले सपा में भगभग: बीजेपी, आरएलडी और निषाद पार्टी के कई नेता साइकिल पर सवार, अखिलेश बोले- ‘अभी तो शुरुआत है, कई विधायक भी कतार में’

उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) ने अन्य दलों में सेंधमारी करते हुए लखनऊ में बड़ा सियासी दांव चला है। सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी), आजाद समाज पार्टी और निषाद पार्टी के कई दिग्गज नेताओं व पदाधिकारियों ने सपा का दामन थाम लिया। नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाने के बाद अखिलेश यादव ने दावा किया कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में सत्तारूढ़ दल के कई मौजूदा विधायक भी सपा में शामिल होंगे।

बीजेपी, आरएलडी और निषाद पार्टी से सपा में शामिल हुए ये प्रमुख चेहरे

पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पश्चिमी यूपी के कई रसूखदार नेताओं ने समाजवादी पार्टी का रुख किया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • बीजेपी से: पूर्व मंत्री राजपाल सैनी और शामली निवासी बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हरबीर मलिक।

  • राष्ट्रीय लोकदल (RLD) से: संजीव प्रधान, राजेंद्र मलिक, विजेंद्र मलिक, शुभम मलिक और राजेंद्र सिंह।

  • आजाद समाज पार्टी से: प्रमुख नेता पवन सैनी।

  • निषाद पार्टी से: शुभेंद्र आचार्य।

  • इनके अलावा पूर्व प्रत्याशी सिवान सैनी ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

‘जनता के गुस्से से डरी बीजेपी, मोलभाव में जुटे हैं कई नेता’

अखिलेश यादव ने नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य की जनता मौजूदा सरकार की नीतियों से त्रस्त और अपमानित महसूस कर रही है। बीजेपी का जनाधार लगातार खिसक रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि अभी सिर्फ नेताओं का आना शुरू हुआ है, मौजूदा विधायकों का स्वागत होना बाकी है। अखिलेश ने कहा कि बड़ी संख्या में विधायक और कई दलों के वरिष्ठ नेता सपा नेतृत्व के संपर्क में हैं और अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

SSR के बहाने RSS और चुनाव आयोग पर सीधा हमला

प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) को लेकर भारत निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने तंज कसते हुए SSR को उल्टा पढ़ते हुए RSS से जोड़ा और विरोधियों के लिए ‘अनरजिस्टर्ड’, ‘अंडरग्राउंड’ और ‘दरारवादी’ जैसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी जनता के बीच सीधा मुकाबला करने की हिम्मत खो चुकी है, इसलिए चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के जरिए चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की साजिश रची जा रही है।

‘एक वोटर के नाम पर दर्ज हैं 10 वोट, रिवीजन पर रिवीजन बंद करे आयोग’

सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची की विसंगतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं ने एक ऐसे युवा पहली बार के मतदाता की पहचान की है, जिसके नाम पर अकेले 10 वोट दर्ज हैं। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा इन विसंगतियों को छोटी-मोटी मानवीय भूल करार दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह मामूली गलती नहीं, बल्कि बड़ा चुनावी षड्यंत्र है।

अखिलेश ने मांग रखी कि आयोग को बार-बार ‘रिवीजन के ऊपर रिवीजन’ कराने के बजाय एक ही बार पारदर्शी तरीके से पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी किसी कानूनी प्रक्रिया (SIR या SSR) के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसके जरिए मतदाताओं के नाम काटने या हेरफेर करने की किसी भी साजिश को कतई कामयाब नहीं होने देगी। इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे और चंदे को लेकर चल रहे विवादों पर भी भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।

 

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