Saturday , 25 July 2026

Balrampur Crime News: बच्चों के मामूली विवाद में बीच-बचाव करने गए बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, गमछे से घोंटा गला; इलाके में तनाव

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र में बच्चों के बीच हुए एक बेहद मामूली विवाद ने शनिवार शाम को खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच चल रहे झगड़े को शांत कराने और बीच-बचाव करने पहुंचे 65 वर्षीय बुजुर्ग दयाराम की कथित तौर पर बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे गांव में भारी तनाव का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।

भैंस चराने को लेकर बच्चों में हुई थी कहासुनी

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद शनिवार सुबह उस समय शुरू हुआ जब मृतक दयाराम की नातिन सावित्री गांव के पश्चिम दिशा में स्थित एक खेत में भैंस चरा रही थी। इसी दौरान वहां पड़ोसी शेषराम का 8 वर्षीय पोता नीरज भी मौजूद था। किसी बात को लेकर दोनों बच्चों में आपस में कहासुनी हो गई। इसके बाद नीरज रोते हुए अपने घर पहुंचा और परिजनों को आपबीती सुनाई। बच्चों के इस झगड़े ने देखते ही देखते दोनों परिवारों के बड़ों को आमने-सामने ला दिया। मामले की शिकायत करने के लिए एक पक्ष सुबह ही स्थानीय थाने पहुंचा और लिखित तहरीर दी, लेकिन परिजनों का गंभीर आरोप है कि उस समय पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

समझौता कराने पहुंचे थे बुजुर्ग, आरोपियों ने ली जान

परिजनों ने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे विपक्षी पक्ष के लोग लाठी-डंडों से लैस होकर दोबारा दयाराम के घर पर आ धमके और गाली-गलौज करते हुए कहासुनी करने लगे। विवाद को बढ़ता देख 65 वर्षीय दयाराम दोनों पक्षों को शांत कराने और उनके बीच सुलह-समझौता कराने के इरादे से आगे बढ़े।

लेकिन, गुस्से से आगबबूला हो रहे आरोपियों ने बीच-बचाव कर रहे दयाराम पर ही हमला बोल दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। परिजनों का आरोप है कि पिटाई के दौरान आरोपियों ने गमछे से दयाराम का गला भी बुरी तरह कस दिया, जिससे दम घुटने और गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई।

पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल, परिजनों में आक्रोश

इस जघन्य हत्याकांड के बाद मृतक के नाती बुधराम ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बुधराम का कहना है कि अगर सुबह दी गई तहरीर पर पुलिस ने समय रहते मुस्तैदी दिखाई होती और कार्रवाई की होती, तो आज उनके दादा जिंदा होते। उन्होंने रोते हुए कहा कि उनके दादा दयाराम किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं कर रहे थे, बल्कि वह तो एक बुजुर्ग होने के नाते गांव में शांति बनाए रखने और विवाद को खत्म कराने का प्रयास कर रहे थे।

भारी पुलिस बल तैनात, चार आरोपियों पर केस दर्ज

बुजुर्ग की हत्या की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए हैं।

श्रीदत्तगंज के प्रभारी निरीक्षक अविरल शुक्ल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर आरोपी शेषराम, श्यामकला, मनीषा देवी समेत चार लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की सख्त से सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

 

Check Also

लखनऊ में 69 हजार शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का जोरदार प्रदर्शन: शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का किया घेराव, पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद कई हिरासत में

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार सुबह 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों …