
अयोध्या। दीपोत्सव के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक छटा एक बार फिर अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंचने वाली है। चंद पलों में साकेत महाविद्यालय परिसर से भव्य एवं दिव्य झांकियों की शोभायात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। लोक कला, आस्था और भक्ति के अनूठे संगम के साथ यह भव्य यात्रा अयोध्या के गौरवशाली इतिहास और सनातन संस्कृति को जीवंत करेगी।
राम दरबार और पुष्पक विमान की झांकियां रहेंगी मुख्य आकर्षण
आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष की झांकियों में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पावन जीवन प्रसंगों और रामनगरी की ऐतिहासिक गाथा को अत्यंत मनोहारी ढंग से उकेरा गया है। शोभायात्रा में प्रभु श्रीराम का वन गमन, पुष्पक विमान से अयोध्या वापसी, भव्य राज्याभिषेक और दिव्य राम दरबार के जीवंत दृश्य प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेंगे। देशभर के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे सैकड़ों लोक कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां देते हुए पूरे रामपथ को भक्तिमय ऊर्जा से सराबोर करेंगे।
साकेत महाविद्यालय से लता मंगेशकर चौक तक बहेगी भक्ति की धारा
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह भव्य शोभायात्रा साकेत महाविद्यालय से प्रस्थान कर प्रमुख धार्मिक मार्गों और सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी से होते हुए लता मंगेशकर चौक तक जाएगी। पूरे यात्रा मार्ग पर स्थानीय नागरिकों और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं द्वारा कलाकारों और झांकियों पर फूलों की वर्षा कर उनका भव्य स्वागत करने की तैयारी है।
रामपथ पर अभेद्य सुरक्षा चक्र, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
शोभायात्रा के विशाल स्वरूप और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। इसके अलावा संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक ड्रोन कैमरों से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि यह पावन शोभायात्रा पूरी गरिमा और शांति के साथ संपन्न हो सके।
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