लखनऊ ब्यूरो। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मिशन 2027 को लेकर बड़ा सियासी दावा किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में समाजवादी पार्टी रिकॉर्ड सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले बोले। उन्होंने आरोप लगाया कि जो ताकतें आज प्रदेश को बांटने का षड्यंत्र रच रही हैं, वे भविष्य में देश को बांटने की कोशिश करेंगी और इस पूरे खेल की पटकथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के इशारे पर लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सपा देश और प्रदेश दोनों को एकजुट कर सशक्त बनाने की पक्षधर है, जबकि भाजपा अपनी विफलता छिपाने के लिए नकारात्मक प्रचार पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है।
महंगाई, बेरोजगारी और आरक्षण में लूट का गंभीर आरोप
सपा प्रमुख ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार के पास महंगाई, बेकाबू बेरोजगारी और ध्वस्त कानून-व्यवस्था का कोई ठोस समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी भर्तियों में आरक्षण की खुली लूट की गई है। सपा ने 11 हजार पदों पर आरक्षण की अनदेखी को लेकर बकायदा ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की थी, परंतु शासन स्तर से एक पन्ने का भी स्पष्टीकरण नहीं आया।
उन्होंने कहा कि राज्य में 20 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर जानबूझकर लीक कराए गए, ताकि युवाओं को नियमित नियुक्ति न देकर आउटसोर्सिंग व्यवस्था की आड़ में धकेला जा सके। सरकारी नौकरियों में आरक्षण और तय बजट से वेतन देना अनिवार्य होता है, जबकि आउटसोर्सिंग में निजी एजेंसियों के जरिए भुगतान कराया जाता है, जिससे भाजपा से जुड़े लोग भारी कमीशन वसूलते हैं।
‘अदालत पर भरोसा नहीं करती सरकार, सपा सरकार आने पर महिलाओं को आर्थिक संबल’
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार स्पष्ट बहुमत में नहीं है, इसके बावजूद संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय लगातार सरकार के रवैये पर तल्ख टिप्पणियां (आब्जर्वेशन) कर रहे हैं, जो यह साबित करता है कि शासन को न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है।
उन्होंने दोहराया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 2 लाख रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी।
गोसेवा के लिए विशेष प्रबंध और आरक्षित सीटों पर खास रणनीति
सपा मुखिया ने बताया कि लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर विधानसभा की सभी आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज करने की ठोस रणनीति तैयार की गई है। हाथरस पीड़िता के परिवार को अब तक न्याय न मिलने और खजनी में पुलिस प्रताड़ना से निर्दोष नागरिक की मौत का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि नकली दवाओं और कमीशनखोरी के सिंडिकेट में भाजपा के लोग संलिप्त हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो व्यवस्था घोड़ों के दाने-चारे में भी दलाली कर सकती है, उससे जनकल्याण की क्या उम्मीद की जाए। अखिलेश ने वादा किया कि सपा सरकार सत्ता में आते ही प्रदेश भर में गोसेवा के लिए विशेष और पारदर्शी प्रबंध करेगी। साथ ही, उन्होंने फर्जी और भ्रामक नकारात्मक प्रचार को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाने की मांग उठाई और कहा कि उनकी सरकार आने पर इस पर सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे।
रथ के रंग पर घबराहट और आयोग से शिकायत की तैयारी
समाजवादी रथ के रंग को लेकर छिड़े विवाद पर सपा प्रमुख ने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चश्मा खराब होने की वजह से विरोधियों को क्रांति का लाल रंग दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि रथ केवल डीजल भरवाने निकला था और इतने में ही सत्ता पक्ष के पसीने छूट गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रियाओं और ड्यूटी से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के प्रशासनिक अधिकारियों को किनारे किया जा रहा है, जिसकी विधिवत शिकायत चुनाव आयोग से की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ दौरे के दौरान किन-किन बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारियों) से मुलाकात की, उसकी आधिकारिक सूची सार्वजनिक की जाए।
ओवैसी का गठबंधन प्रस्ताव खारिज, पुराने साथियों पर ही भरोसा
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा भाजपा को रोकने के लिए दिए गए गठबंधन के खुले आमंत्रण को अखिलेश यादव ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सपा का जो गठबंधन पहले से तय है, वही आगे भी कायम रहेगा। उनके इस बयान को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के मौजूदा घटकों के साथ ही 2027 का चुनाव लड़ने के अंतिम फैसले के रूप में देखा जा रहा है।
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