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कानपुर में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: पिता ने अपनी जुड़वा बेटियों का गला रेता, पत्नी के खुलासे ने उड़ाए पुलिस के होश; CCTV से घर को बना रखा था ‘कैदखाना’

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता, जिस पर अपनी बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही उनका काल बन गया। अभिरंजन मिश्रा नामक शख्स ने अपनी 11 साल की मासूम जुड़वा बेटियों, रिद्धि और सिद्धि की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा है और अपार्टमेंट के अंदर का मंजर देखकर पुलिसकर्मियों की रूह भी कांप गई।

खून से सना था कमरा, डिप्रेशन में था आरोपी पिता

वारदात की सूचना मिलते ही जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो कमरे का दृश्य किसी खौफनाक फिल्म जैसा था। चारों तरफ खून फैला हुआ था और दोनों मासूम बच्चियों के शव फर्श पर पड़े थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अभिरंजन मिश्रा लंबे समय से पारिवारिक कलह के कारण डिप्रेशन (अवसाद) का शिकार था। लेकिन इस जघन्य हत्याकांड के बाद आरोपी की पत्नी रेशमा ने जो खुलासे किए हैं, उन्होंने मामले को और भी ज्यादा पेचीदा और डरावना बना दिया है।

CCTV की निगरानी में रहता था परिवार: पत्नी ने बयां किया खौफ

आरोपी की पत्नी रेशमा ने बताया कि घर के अंदर का माहौल किसी जेल से कम नहीं था। अभिरंजन ने घर के कमरों में कई CCTV कैमरे लगवा रखे थे। वह किसी को भी अपने कमरे में आने की इजाजत नहीं देता था। रेशमा ने बताया कि उन्हें खुद अपने पति के कमरे में जाने की मनाही थी और वह केवल बाहर लगी स्क्रीन पर ही कैमरों की फुटेज देख पाती थीं। यह सनकीपन इस कदर बढ़ चुका था कि घर के अंदर हर पल एक अजीब सा डर बना रहता था।

“बेटे को ले जाओ, बेटियों को मैं साथ ले जाऊंगा”: आरोपी की सनक

रेशमा ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी 2014 में लव मैरिज के जरिए हुई थी। वह सिलीगुड़ी की रहने वाली हैं और अभिरंजन बिहार का निवासी था। शादी के कुछ समय बाद ही अभिरंजन शराब का आदी हो गया और अक्सर मारपीट करने लगा। रेशमा के अनुसार, आरोपी अक्सर कहता था कि “मैं मरना चाहता हूं और अपनी बेटियों को भी अपने साथ ही ले जाऊंगा।” उसने रेशमा से यह भी कहा था कि वह अपने बेटे को लेकर कहीं भी चली जाए, लेकिन बेटियों को वह अपने पास ही रखेगा।

9 महीने बाद लौटी थी मां, उसे क्या पता था कि बेटियां अब नहीं रहेंगी

रेशमा ने बताया कि पति के हिंसक व्यवहार से तंग आकर वह अपने बेटे को लेकर मायके चली गई थीं, लेकिन अभिरंजन ने बेटियों को साथ नहीं जाने दिया। करीब 9 महीने बाद बेटियों की याद में तड़पकर वह वापस कानपुर लौटी थीं। उन्हें क्या पता था कि जिस ममता के कारण वह वापस आई हैं, वही उनके जीवन का सबसे काला दिन साबित होगा। पुलिस अब रेशमा के बयानों और घर में लगे CCTV फुटेज को कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ा रही है, ताकि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की असली वजह का पर्दाफाश हो सके।

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