Wednesday , 28 October 2026

यूपी समेत पांच राज्यों में चुनावी बिगुल: आयोग का फरमान- गृह जिलों में जमे और दागी अफसर 30 नवंबर तक हटें, फरवरी में वोटिंग के आसार

कानपुर। पांच राज्यों के सियासी रण की उलटी गिनती शुरू हो गई है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने का स्पष्ट निर्देश जारी कर दिया है। मंगलवार दोपहर निर्वाचन आयोग की ओर से इन सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेजकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे को पूरी तरह चाक-चौबंद करने का फरमान सुनाया गया। आयोग के इस निर्देश के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

कुर्सी से चिपके और दागी अफसरों पर गिरेगी गाज

निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए मशीनरी का पूरी तरह से दाग-मुक्त होना जरूरी है। आयोग के नए आदेश के अनुसार, किसी भी जिले में तीन साल या उससे अधिक समय से डटे अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अलावा, अपने गृह जनपद में तैनात अधिकारियों को भी चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियों से दूर करते हुए अन्यत्र भेजा जाएगा। यह नियम प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ परिवहन, आबकारी और मद्यनिषेध जैसे सीधे चुनाव से जुड़े विभागों पर भी लागू होगा। लंबे समय से मलाईदार पदों पर जमे या किसी दल विशेष के प्रति झुकाव रखने वाले दागी अफसरों को भी लूप लाइन में भेजने की तैयारी है। सभी राज्य सरकारों को 30 नवंबर तक तबादला प्रक्रिया पूरी कर आयोग को अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी। हालांकि, कानपुर जिले में अधिकांश अधिकारी तय समय-सीमा के दायरे में नहीं आ रहे हैं, लेकिन पुरानी शिकायतों के आधार पर कुछ बड़े नामों पर गाज गिरने की पूरी आशंका है।

फरवरी में मतदान, मार्च के पहले हफ्ते में नतीजे संभव संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, यूपी की 18वीं विधानसभा का गठन 11 मार्च 2022 को हुआ था, जबकि पहली कैबिनेट बैठक 23 मई 2022 को हुई थी। इस लिहाज से मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को पूरा होगा। वहीं दूसरी ओर, मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च, गोवा का 14 मार्च, पंजाब का 16 मार्च और उत्तराखंड का 28 मार्च को समाप्त हो रहा है। ऐसे में इन चार राज्यों में मार्च से पहले नई सरकार का गठन संवैधानिक बाध्यता है। इसी वजह से आयोग उत्तर प्रदेश समेत पांचों राज्यों में फरवरी के महीने में ही मतदान कराने की योजना बना रहा है। सूत्रों की मानें तो 403 सीटों वाली यूपी विधानसभा के लिए पांच चरणों में वोटिंग हो सकती है, जबकि 117 सीटों वाले पंजाब में दो चरणों में मतदान संपन्न कराया जा सकता है। उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम मार्च के पहले सप्ताह में एक साथ घोषित किए जाने की संभावना है।

भाजपा की ज्वाइनिंग कमेटी तैयार, सपा-कांग्रेस में सीट शेयरिंग पर रार चुनावी बिगुल बजते ही सियासी दलों ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। भारतीय जनता पार्टी ने विरोधी खेमों के कद्दावर नेताओं और जिताऊ क्षत्रपों को भगवा खेमे में लाने के लिए विशेष ‘ज्वाइनिंग कमेटी’ के गठन का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस समिति में स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, दयाशंकर सिंह और अनूप गुप्ता जैसे दिग्गज चेहरे शामिल होंगे। स्थानीय व क्षेत्रीय टीमों की संस्तुति पर ही दूसरे दलों के बागियों को पार्टी में प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही भाजपा ने बूथ प्रबंधन को युद्धस्तर पर मजबूत करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

इसके उलट, विपक्षी गठबंधन में अभी असमंजस की स्थिति बरकरार है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे का पेच फंसा होने से दोनों दलों की चुनावी तैयारियां फिलहाल सुस्त नजर आ रही हैं। कानपुर के स्थानीय सियासी समीकरणों को देखें तो सीसामऊ, आर्यनगर और कैंट सीट पर सपा का दावा पक्का माना जा रहा है। पिछले प्रदर्शन के आधार पर बिल्हौर, घाटमपुर, कल्याणपुर और महाराजपुर पर भी सपा अपनी दावेदारी मजबूत बता रही है। वहीं, किदवई नगर, बिठूर और गोविंद नगर सीट को लेकर दोनों दलों में खींचतान जारी है। कांग्रेसी खेमा महाराजपुर और कैंट सीट पर भी अपनी दावेदारी जताने में लगा हुआ है।

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