
भारतीय रेल से दूसरे शहरों में सामान भेजना हमेशा से सस्ता और सुरक्षित विकल्प रहा है, लेकिन पार्सल दफ्तरों की लंबी कतारें और कागजी औपचारिकताओं का झंझट अक्सर लोगों को परेशान करता रहा है। आम यात्रियों और व्यापारियों की इसी मुश्किल को हल करने के लिए भारतीय रेलवे अब ‘डोर-टू-डोर पार्सल सर्विस’ की शुरुआत करने जा रहा है। योजना के तहत आपका सामान सीधे घर से कलेक्ट किया जाएगा और गंतव्य पर दिए गए पते पर सुरक्षित पहुंचा दिया जाएगा। सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब इसे देशव्यापी स्तर पर लागू करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
लॉन्च हुआ ‘रेल पार्सल ऐप’, शुरुआती चरण में 8 महानगरों को मिलेगा लाभ
रेलवे ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाने के लिए ‘रेल पार्सल ऐप – घर से घर तक’ (RailParcel) विकसित किया है। प्रथम चरण में यह सेवा देश के 8 प्रमुख महानगरों—दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे में शुरू की जा रही है। इन शहरों के निवासी ऐप के जरिए घर बैठे पिकअप और डिलीवरी स्लॉट चुन सकेंगे। यह प्लेटफॉर्म एक डिजिटल मार्केटप्लेस के रूप में कार्य करेगा, जो ग्राहकों को अधिकृत लॉजिस्टिक्स कंपनियों से जोड़ेगा। ऑनलाइन बुकिंग और पेमेंट की सुविधा मिलने से लोगों को स्टेशन जाने या कतारों में लगकर फॉर्म भरने की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
फर्स्ट माइल से लास्ट माइल तक: ऐसे काम करेगा पूरा सिस्टम
सामान की सुगम आवाजाही के लिए रेलवे ने संचालन मॉडल को स्पष्ट रूप से दो भागों में विभाजित किया है। ग्राहक के घर से सामान उठाने (फर्स्ट-माइल पिकअप) और गंतव्य शहर के स्टेशन से संबंधित व्यक्ति के पते तक पहुंचाने (लास्ट-माइल डिलीवरी) का जिम्मा निजी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स संभालेंगे। वहीं, स्रोत स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक मुख्य परिवहन का काम भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क से करेगा। इसके अलावा, आवश्यकता पड़ने पर लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स ग्राहकों को पैकिंग और सुरक्षित हैंडलिंग जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी मुहैया कराएंगे।
बुकिंग के लिए तय हुआ टाइम स्लॉट, ट्रेन छूटने के 15 दिन पहले खुलेगी विंडो
नई व्यवस्था के तहत समयसीमा को लेकर रेलवे प्रशासन ने सख्त मानक तय किए हैं। डोर-टू-डोर पार्सल बुकिंग के लिए विंडो संबंधित ट्रेन के प्रस्थान समय से 15 दिन पूर्व खुल जाएगी, जहां ग्राहक यात्रा से 24 घंटे पहले तक बुकिंग दर्ज करा सकेंगे। वहीं, लॉजिस्टिक्स कंपनियों को ट्रेन रवानगी से एक घंटे पहले तक सामान रेलवे कर्मचारियों को हैंडओवर करने की छूट दी गई है, जिससे पार्सल की लोडिंग समय पर पूरी हो सके और सामान बिना देरी के पहुंचे।
पार्सल रद्द करने पर रिफंड का नया नियम
अपरिहार्य कारणों से पार्सल बुकिंग रद्द करने की स्थिति में रिफंड के पारदर्शी नियम लागू किए गए हैं। लॉजिस्टिक्स पार्टनर द्वारा घर से सामान पिकअप किए जाने से पहले यदि बुकिंग कैंसिल की जाती है, तो रेलवे महज 10 रुपये का क्लर्केज शुल्क काटकर शेष पूरा रेल किराया वापस कर देगा। हालांकि, होम पिकअप और लास्ट-माइल डिलीवरी शुल्क का रिफंड संबंधित लॉजिस्टिक्स कंपनी की अपनी शर्तों के अनुसार देय होगा, जिसकी जानकारी बुकिंग के समय स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होगी।
कारोबारियों के लिए त्योहारी तोहफा: राउंड-ट्रिप पार्सल कोच पर 25% तक छूट
त्योहारी मांग और माल ढुलाई की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने थोक व्यापारियों और एग्रीगेटर्स को भी बड़ी राहत दी है। बड़े पैमाने पर सामान मंगाने और भेजने के लिए पार्सल कोच की राउंड-ट्रिप बुकिंग पर विशेष रियायत घोषित की गई है। नए सर्कुलर के तहत पार्सल एग्रीगेटर्स अब एक तरफ के भाड़े के मात्र 1.5 गुना भुगतान पर दोनों तरफ (राउंड ट्रिप) की बुकिंग कर सकते हैं। इससे कुल मालभाड़े में सीधे 25 प्रतिशत की बचत होगी। हालांकि, यह रियायती दर केवल पूरे पार्सल कोच की राउंड-ट्रिप बुकिंग पर ही लागू होगी, सामान्य खुदरा पार्सल पर नहीं।
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