
राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार देर रात लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीम भारी पुलिस बल के साथ नौबस्ता स्थित ब्राह्मण टोला पहुंची और मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के अवैध निर्माण पर बुलडोजर ऐक्शन शुरू किया। कार्रवाई से पहले पूरे मकान की नापजोख कर उसे सील कर दिया गया। मौके पर मौजूद भारी भीड़ में से कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई के समर्थन में ‘बुलडोजर बाबा जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए।
अवैध निर्माण पर LDA का शिकंजा, भारी पुलिस बल तैनात
वारदात के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी। मंगलवार रात एलडीए का प्रवर्तन दस्ता कई आला अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचा। किसी भी प्रकार के विरोध या हंगामे से निपटने के लिए इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी का मकान नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से बनाया गया था, जिसे चिह्नित करने के बाद सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
मुख्य आरोपी समेत 6 गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया असलहा भी बरामद करने का दावा किया है। पकड़े गए आरोपियों में ऋषभ शुक्ला, सतीश शुक्ला उर्फ मुन्ना बाबू, गिरीश कुमार शुक्ला, दिनेश शुक्ला उर्फ छून्ना, प्रिया शुक्ला और अदिति शुक्ला शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और संलिप्तता की गहन पड़ताल कर रही है।
पार्किंग और चबूतरे के मामूली विवाद में ली थीं तीन जानें
यह खूनी संघर्ष घर के बाहर चबूतरे और गाड़ी पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद भड़का था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में शिवाजी तिवारी (62), उनके भाई शंभू उर्फ शिवेंद्र तिवारी (57) और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी (30) की जान चली गई थी। दिनदहाड़े एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था।
डिप्टी सीएम ने दिया शवों को कंधा, NSA लगाने और सरकारी मदद का ऐलान
घटना के बाद मृतकों के अंतिम संस्कार को लेकर परिजनों ने भारी नाराजगी जताई थी। सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। डिप्टी सीएम ने खुद मृतकों के शवों को कंधा दिया और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मासूम बच्ची की पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस देने तथा आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इस ठोस आश्वासन के बाद करीब पांच घंटे से रुका हुआ अंतिम संस्कार संपन्न हो सका।
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