
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र स्थित ब्राह्मणी टोला मोहल्ले में सोमवार की दोपहर मामूली कहासुनी ने खौफनाक रूप ले लिया। कार पार्किंग और वट वृक्ष के पास चबूतरा निर्माण को लेकर उपजे विवाद में मर्चेंट नेवी कर्मचारी ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता शिवाजी तिवारी, उनके बेटे और भाई की हत्या कर दी। सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला समेत उसकी तीन बहनों को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से हत्या में प्रयुक्त अवैध पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
मंदिर की सीढ़ियों पर शुरू हुआ विवाद, गाली-गलौज के बाद चलीं लाठियां
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) जितेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, शिवाजी तिवारी शक्तिभवन से स्टेनो पद से सेवानिवृत्त थे। उनका बेटा सुयश बाजारखाला में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाता था, जबकि भाई शिवेंद्र उर्फ शम्भू लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में बाबू पद पर तैनात थे।
सोमवार सुबह सुयश की कार घर के पास स्थित शिवाला (शिव मंदिर) के सामने खड़ी थी। सुबह करीब साढ़े दस बजे शिवाजी तिवारी मंदिर में जल चढ़ाने गए थे। पूजा कर नीचे उतरते समय पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने उन्हें आवाज देकर बुलाया और मंदिर के सामने कार खड़ी करने का विरोध जताते हुए अभद्रता शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर ऋषभ ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया और उन्हें धक्का दे दिया।
परिजनों पर पथराव, फिर एक-एक कर तीनों को गोलियों से भूना
शोर सुनकर शिवाजी के भाई शिवेंद्र मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान ऋषभ के उकसाने पर उसके परिवार के लोग लाठी-डंडे लेकर आ गए और उसकी बहनों ने पथराव शुरू कर दिया। विवाद के बीच ऋषभ ने घर से मंगाई गई अवैध पिस्टल निकाली और सबसे पहले शिवाजी तिवारी पर फायर झोंक दिया।
भाई को बचाने दौड़े शिवेंद्र को भी उसने गोली मार दी। चीख-पुकार सुनकर घर से बाहर आए बेटे सुयश पर भी ऋषभ ने गोली दाग दी। तीनों को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
5 दिसंबर को बजनी थी शहनाई, पसरा मातम
इस खौफनाक वारदात ने पूरे परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। मृतक सुयश की शादी आगामी 5 दिसंबर को तय थी। परिवार में शादी की तैयारियां और दिवाली की खरीदारी जोर-शोर से चल रही थी। रविवार को ही पूरा परिवार बिजनौर के माती गांव स्थित ननिहाल में देवाई की रस्म मनाकर लौटा था। जिस घर में मंगल गीत गूंजने वाले थे, वहां अब मातम और कोहराम मचा हुआ है।
निहत्थे सिपाही ने जान पर खेलकर आरोपी को दबोचा, भारी पुलिस बल तैनात
वारदात के तुरंत बाद पुलिस कंट्रोल रूम की सूचना पर सआदतगंज थाने के सिपाही कार्तिक मौके पर पहुंचे। सिपाही के पास कोई हथियार नहीं था, फिर भी अदम्य साहस दिखाते हुए उन्होंने हथियारबंद आरोपी ऋषभ शुक्ला को मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों ने सिपाही कार्तिक की जांबाजी की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
घटना के बाद पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध अर्पणा कुमार ने मौके पर पहुंचकर जांच की। शिवेंद्र की पत्नी रुचि तिवारी की तहरीर पर ऋषभ, उसके पिता दिनेश, चाचा राजेश (गुंडा एक्ट का आरोपी), गिरीश तथा बहनें दिव्या, प्रीति और अदिति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। तनाव को देखते हुए पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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