Sunday , 25 October 2026

UP Expressway Network: यूपी में तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को हरी झंडी, 8200 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहीत; खजाने से खर्च होंगे ₹15,000 करोड़ !

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा खाका तैयार किया है। राज्य में यात्री आवागमन और माल ढुलाई (पैसेंजर और कार्गो मोबिलिटी) को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं। इन तीनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार लगभग 8,200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने जा रही है। भूमि अधिग्रहण की इस व्यापक प्रक्रिया पर सरकारी खजाने से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी।

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेंगे नए एक्सप्रेसवे

प्रदेश के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार, मौजूदा और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश को 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को साधने में रीढ़ का काम करेंगे। इन तीनों ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण और निगरानी का जिम्मा प्रदेश की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) को सौंपा गया है। इन आधुनिक एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल औद्योगिक गलियारों को गति मिलेगी, बल्कि राज्य में लॉजिस्टिक्स लागत में भी भारी गिरावट आएगी।

650 गांवों से होकर गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे नेटवर्क

उत्तर प्रदेश सरकार ने तीनों एक्सप्रेसवे के रूट और अलाइनमेंट को अंतिम रूप दे दिया है। यह पूरा नेटवर्क उत्तर प्रदेश के लगभग 650 गांवों और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कई इलाकों को सीधे जोड़ेगा। इन तीन प्रोजेक्टों में 320 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे, 145 किलोमीटर लंबा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे और 100 किलोमीटर लंबा विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे शामिल है।

सोनभद्र तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे होगा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट

तीनों नई परियोजनाओं में विंध्य एक्सप्रेसवे सबसे बड़ा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। 320 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के 109 गांवों में सबसे अधिक करीब 4,615 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे लंबे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के रूप में कार्य करेगा। यह मार्ग प्रयागराज, भदोही और मिर्जापुर जिलों से गुजरते हुए सीधे सोनभद्र के खनन और औद्योगिक क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी मुहैया कराएगा।

मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे जोड़ेगा यूपी और उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी को बड़ा फायदा

दूसरी तरफ, 145 किलोमीटर लंबा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को तीर्थनगरी हरिद्वार से सीधे तेज गति वाले मार्ग से जोड़ेगा। यह प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से आगे उत्तराखंड तक विस्तार देगा। इस परियोजना के निर्माण के लिए पश्चिमी यूपी के अमरोहा और बिजनौर जिलों के 184 गांवों तथा उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में लगभग 2,020 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। इससे दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। उल्लेखनीय है कि देश के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल 2026 को किया जा चुका है, और अब इसके सभी फीडर व लिंक एक्सप्रेसवे का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

 

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