
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन के बाद जहां पूरा सिनेमा जगत गमगीन है और साथी कलाकार नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं, वहीं अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के बयानों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। गुरुवार को मीडिया के सामने नाना पाटेकर के निधन को ‘ईवल डेड’ (बुराई का अंत) करार देने के बाद तनुश्री को सोशल मीडिया और फिल्मी हलकों में भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अब अपने इस विवादित बयान पर सफाई देते हुए अभिनेत्री ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपनी चुप्पी तोड़ी है और इसके पीछे के दर्द व संघर्ष की दास्तान साझा की है।
लखनऊ में मीडिया के सामने छलका दर्द: क्यों कहा ‘ईवल डेड’? तनुश्री दत्ता ने पूर्व में कहा था कि वह एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने लखनऊ जा रही हैं, लेकिन उन्हें आशंका थी कि पूरा मीडिया जगत इस समय नाना के निधन की कवरेज में ही व्यस्त रहेगा। लखनऊ में इवेंट संपन्न होने के बाद पत्रकारों से रूबरू हुईं तनुश्री ने दो टूक अंदाज में अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों के दौरान उन्होंने जिस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना किया है, उसी कड़वे अनुभव के कारण उन्होंने यह शब्द कहे।
‘गाड़ी के ब्रेक काटे गए, फूड पॉइजनिंग दी गई’- तनुश्री का सनसनीखेज दावा मीडिया से खुलकर बात करते हुए तनुश्री दत्ता ने कहा, “मेरे नजरिए से देखें तो यह ‘ईवल डेड’ ही है। पिछले पांच सालों में, खास तौर पर मीटू (#MeToo) आंदोलन के बाद, मैं जिस दौर से गुजरी हूं, उसे सिर्फ एक पीड़ित ही समझ सकता है। मुझ पर कानूनी मुकदमे लादे गए, केस वापस लेने के लिए भारी दबाव बनाया गया और तरह-तरह के लालच भी दिए गए, लेकिन मैं अपने रुख से पीछे नहीं हटी।”
अभिनेत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए आगे कहा, “मुझ पर जानलेवा हमले की कोशिशें हुईं, मेरी गाड़ी के ब्रेक तक काट दिए गए जिससे मेरा गंभीर एक्सीडेंट हुआ। मुझे धोखे से फूड पॉइजनिंग दी गई। जो इंसान इन खौफनाक हालात से नहीं गुजरा है, उसे शायद मेरी बातें अजीब या असंवेदनशील लग सकती हैं। हर व्यक्ति का अपना अनुभव और परिस्थिति होती है। जिनके संबंध उनके साथ अच्छे रहे होंगे, वे मेरी पीड़ा कभी नहीं समझ पाएंगे। मेरे लिए यह सचमुच किसी शैतान के खत्म होने जैसा ही है।”
साल 2008 का वो विवाद और 2018 का मीटू आंदोलन तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच का यह विवाद करीब डेढ़ दशक पुराना है। साल 2018 में भारत में चले #MeToo अभियान के दौरान तनुश्री ने सबसे पहले मुखर होकर नाना पाटेकर पर गंभीर आरोप लगाए थे। अभिनेत्री का आरोप था कि वर्ष 2008 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के एक विशेष डांस नंबर की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया था और डांस स्टेप सिखाने के बहाने उन्हें आपत्तिजनक तरीके से छुआ था।
हालांकि, नाना पाटेकर ने शुरू से ही इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह बेबुनियाद बताया था। लंबे विवाद और कानूनी खींचतान के बाद वर्ष 2019 में मुंबई पुलिस ने अदालत में ‘बी-समरी’ (क्लोजर रिपोर्ट) दाखिल करते हुए कहा था कि मामले में नाना पाटेकर के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।
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