Wednesday , 7 October 2026

मथुरा में दर्दनाक हादसा: वृंदावन के गुरुकुल में पानी की टंकी साफ करने उतरे 4 छात्रों की मौत, जहरीली गैस की चपेट में आए 5 छात्र

मथुरा।  तीर्थनगरी वृंदावन से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। चैतन्य विहार सेक्टर-2 स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में भूमिगत पानी के टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के रिसाव और पानी में डूबने से चार छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। टैंक में उतरे एक अन्य छात्र को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। यह हृदयविदारक घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे घटी, जिसके बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया। मृत छात्रों की आयु 17 से 20 वर्ष के बीच थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया।

बदबू के बाद शुरू हुई थी सफाई, एक को बचाने में एक-एक कर उतरे पांचों छात्र

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार, गुरुकुल परिसर में बनी 12 से 14 फीट गहरी अंडरग्राउंड पानी की टंकी से तेज बदबू आ रही थी। इसके बाद छात्रों ने खुद ही टंकी को साफ करने का प्रयास शुरू किया। मोटर की मदद से अधिकांश पानी बाहर निकाल दिया गया था। तलहटी में बचे थोड़े से पानी और कचरे को साफ करने के लिए पहले एक छात्र नीचे उतरा।

अंदर पहुंचते ही दमघोंटू जहरीली गैस के कारण वह बेहोश हो गया। उसे अचेत देखकर बाहर खड़े अन्य चार साथी भी एक-एक कर उसे निकालने के चक्कर में टंकी में कूद पड़े। कुछ ही पलों में पांचों छात्र जहरीली गैस के असर और पानी के बीच बेसुध हो गए।

अस्पताल पहुंचने पर चार को डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, एक छात्र की बची जान

टंकी के भीतर हलचल बंद होते ही परिसर में मौजूद लोगों ने आनन-फानन में पांचों छात्रों को बाहर निकाला और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के उपरांत चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक छात्र रुद्र (रुद्राक्ष) को गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर निगरानी के लिए रेफर किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान मनु कटारे (20, निवासी जबलपुर, मध्य प्रदेश), देवांश (17, निवासी विदिशा, मध्य प्रदेश), आर्यन (18, निवासी कौशांबी, उत्तर प्रदेश) और विशु (18, निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। जीवित बचे छात्र रुद्राक्ष (18) की हालत अब खतरे से बाहर है और वह बातचीत कर रहा है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

मध्य प्रदेश के आशीष शर्मा संचालित कर रहे संस्थान, 200 छात्र हैं नामांकित

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम का संचालन मध्य प्रदेश निवासी आशीष कुमार शर्मा कर रहे हैं। संस्थान में लगभग 200 छात्र पंजीकृत हैं, जिनमें से करीब 100 छात्र परिसर में ही रहकर विद्याध्ययन कर रहे थे। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बच्चों से इस तरह का जोखिम भरा काम कराए जाने को लेकर संस्थान प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान, दिए हरसंभव मदद के निर्देश

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मामले का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावितों को राहत पहुंचाने और उपचाराधीन छात्र को समुचित व उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, अन्य गुरुकुलों का भी होगा सुरक्षा ऑडिट

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि छात्र किन परिस्थितियों में टंकी के भीतर उतरे, क्या प्रबंधन का कोई दबाव था और संस्थान के पास संचालन की वैध मान्यता व अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मौजूद हैं या नहीं। इसके साथ ही प्रशासन ने वृंदावन और आसपास संचालित अन्य गुरुकुलों के भवनों व सुरक्षा प्रबंधों का विशेष ऑडिट कराने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।

सीसीटीवी फुटेज की हो रही जांच, परिजनों की तहरीर पर दर्ज होगा मुकदमा

पुलिस टीम घटनास्थल पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को अपने कब्जे में लेकर जांच कर रही है। इससे घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन और टंकी में उतरने से पहले के घटनाक्रम का सच सामने आ सकेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की लिखित तहरीर मिलने के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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