Monday , 5 October 2026

‘हाथी, साइकिल और पंजे वाले नहीं चाहते समाधान… हमें पायल नहीं पावर चाहिए’, सुल्तानपुर में विपक्ष पर बरसे डॉ. संजय निषाद

सुल्तानपुर।  निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के मत्स्य विकास कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए समाज के हक और अधिकारों को लेकर बड़ा बयान दिया है। कूरेभार ब्लॉक स्थित पटना सैदखानपुर गांव में आयोजित ‘संवैधानिक सुरक्षा अधिकार महासम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कैबिनेट मंत्री का पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने दो टूक कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में समाज को गुमराह करने वालों से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि जो नेता समाज को बांटने की कोशिश करें, उन्हें गांव में घुसने न दिया जाए और सीमा से ही वापस लौटा दिया जाए।

जो निषाद हित की बात करेगा, हम उसी के साथ रहेंगे

कैबिनेट मंत्री ने राजनीतिक दिशा स्पष्ट करते हुए कहा कि निषाद समाज का रुख बेहद साफ है—जो समाज के मान-सम्मान और हक-अधिकारों की बात करेगा, समाज पूरी मजबूती से उसी के साथ खड़ा रहेगा। आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि कई राजनीतिक ताकतें भ्रम फैलाने और बरगलाने की कोशिश करेंगी, लेकिन किसी के भी बहकावे में आने से बचना होगा।

हाथी, साइकिल और पंजे पर वार: ‘रोए बिना मां भी दूध नहीं देती’

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि हाथी (बसपा), साइकिल (सपा) और पंजा (कांग्रेस) निशान वाले दल कभी नहीं चाहते कि निषाद समाज की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान हो। जब मीडियाकर्मियों ने सवाल किया कि सत्ता में रहते हुए भी वे अधिकार सम्मेलन और आंदोलन क्यों कर रहे हैं, तो उन्होंने ठेठ अंदाज में जवाब दिया कि जब तक बच्चा रोता या चिल्लाता नहीं है, तब तक मां भी उसे दूध नहीं पिलाती। बच्चे के रोने से ही मां-बच्चे का भावनात्मक रिश्ता मजबूत होता है और आवाज उठाने से दर्द दुआ में तब्दील हो जाता है। इसी तरह अपने समाज के अधिकारों को हासिल करने के लिए आवाज बुलंद करना बेहद जरूरी है।

‘दलालों के जरिए सत्ता में आने की कोशिश नाकाम होगी’

डॉ. निषाद ने बिचौलियों पर प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोग आज दलालों के जरिए सत्ता के गलियारों तक पहुंचने की फिराक में हैं। पूर्व में ऐसे लोग दावा करते थे कि निषाद समाज दलालों की जेब में है, लेकिन आज समाज पूरी तरह जागरूक हो चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें पायल नहीं, पावर चाहिए। अपनी ही सरकार में धरने या विरोध दर्ज कराने के सवाल पर उन्होंने दोहराया कि वाजिब हक पाने के लिए बोलना अनिवार्य है। वहीं कानून-व्यवस्था के संदर्भ में उन्होंने टिप्पणी की कि प्रशासनिक तंत्र में कुछ ऐसे अधिकारी भी हैं, जिनका अंदरूनी रवैया कुछ और ही रहता है।

आरक्षण पर सरकार की पहल और सीटों की मांग

भाजपा गठबंधन को लेकर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह पहली सरकार है जो निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे पर सकारात्मक पहल कर रही है। ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के इंतजार के बाद भव्य राम मंदिर बना और 70 वर्षों बाद अनुच्छेद 370 को हटाया गया। पिछले सात वर्षों में व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं और अब दशकों से सताए गए वंचित लोग सत्ता के साथ कदमताल कर रहे हैं। भाजपा से आगामी सीटों के तालमेल पर उन्होंने स्थिति साफ करते हुए कहा कि निषाद पार्टी ने केवल उन्हीं सीटों की मांग की है जहां पहले हार का सामना करना पड़ा था, ताकि गठबंधन को मजबूत किया जा सके। वहीं कादीपुर के शिक्षक दंपती हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामला पूरी तरह संज्ञान में है और पुलिस अधिकारियों से बात कर जल्द ही हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

Check Also

रूस में महिला रिसर्चर की संदिग्ध मौत से हड़कंप: निमोनिया के बाद तोड़ा दम, करीब 200 लोग आइसोलेशन में; क्या फिर लौट रहा प्लेग का खौफ?

इरकुत्स्क (रूस)। रूस के साइबेरियाई क्षेत्र इरकुत्स्क से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया …