
लखनऊ ब्यूरो: पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर और आईएसआई (ISI) हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़े आतंकी नेटवर्क के खिलाफ उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (यूपी एटीएस) ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। प्रदेश भर में नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से एटीएस की विशेष टीमों ने राजधानी लखनऊ सहित 10 जिलों में संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ दबिश दी। इस वृहद छापेमारी अभियान के तहत सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ जैसे संवेदनशील जिलों में सघन तलाशी ली गई, जहां से 10 से 15 नए संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों से खुला राज, 150 से अधिक संदिग्धों की बनाई गई सूची
एटीएस के अधिकारियों के अनुसार, इस व्यापक अभियान का मुख्य मकसद नेटवर्क के छिपे हुए स्लीपर सेल्स, मददगारों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय सदस्यों की पहचान कर उनकी भूमिका को उजागर करना है। एजेंसी पहले से पकड़े गए आरोपियों से मिली अहम खुफिया जानकारियों के आधार पर इन नए संदिग्धों तक पहुंची है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में गिरफ्तार किए गए गुर्गों की पूछताछ में 150 से अधिक ऐसे संदिग्ध लोगों के नाम और संपर्क सामने आए हैं, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े थे। सुरक्षा एजेंसियां अब इन सभी के बैकग्राउंड, वित्तीय लेन-देन और संदेहास्पद संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।
चार महीनों में 52 गिरफ्तार, युवाओं को बरगलाने की थी साजिश
यूपी पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीमों ने पिछले चार महीनों के दौरान शहजाद भट्टी गिरोह और उससे जुड़ी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाकर अब तक कुल 52 संदिग्धों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। जांच में यह गंभीर तथ्य सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय युवाओं को जाल में फंसाते थे। पहले उन्हें पैसों का लालच देकर और कट्टरपंथी सामग्री दिखाकर ब्रेनवॉश किया जाता था, फिर उनसे रेकी, पोस्टर चिपकाने और आगजनी जैसी वारदातों के जरिए बड़े आतंकी हमलों की साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।
डिजिटल साक्ष्य खंगालने में जुटी एजेंसियां, भट्टी को आतंकी घोषित कराने की तैयारी
मौजूदा कार्रवाई के तहत एटीएस हिरासत में लिए गए संदिग्धों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स, एन्क्रिप्टेड चैट और कॉल रिकॉर्ड्स का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है। एजेंसी यह स्पष्ट करने में जुटी है कि पाकिस्तान से मिलने वाले निर्देशों को धरातल पर कौन संचालित कर रहा था और फंडिंग का माध्यम क्या था। दूसरी ओर, यूपी पुलिस ने पाकिस्तान से गिरोह चलाने वाले कुख्यात शहजाद भट्टी को औपचारिक रूप से आतंकवादी घोषित कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रक्रियागत प्रस्ताव भी भेजा है। एटीएस की सक्रियता से आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर मॉड्यूल में हड़कंप मचा हुआ है।
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