
लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। राजेंद्र नगर चौराहे के निकट स्थित विजन अपार्टमेंट में 1 अक्टूबर की रात एक 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने अपनी ही 42 वर्षीया मां की लोहे की भारी रेंज से ताबड़तोड़ वार कर निर्मम हत्या कर दी। वारदात की सूचना पर पहुंची पुलिस ने खून से लथपथ शव को कब्जे में लेकर आरोपी किशोर को अभिरक्षा में ले लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस जघन्य हत्याकांड की जड़ें कई वर्षों से चली आ रही गंभीर मानसिक बीमारी और पहचान के गहरे द्वंद्व से जुड़ी हुई हैं।
5-6 वर्षों से मानसिक बीमारी से जूझ रहा था किशोर, चल रहा था लंबा इलाज
परिजनों के अनुसार, आरोपी बेटा पिछले करीब 5 से 6 वर्षों से गंभीर मानसिक विकार की चपेट में था। इस दौरान उसके व्यवहार में अप्रत्याशित बदलाव आने लगे थे और वह मानसिक रूप से खुद को लड़की महसूस करने लगा था। बेटे की इस जटिल मनोदशा को संभालने के लिए परिवार ने लखनऊ के प्रतिष्ठित नूर मंजिल मानसिक स्वास्थ्य केंद्र और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के विशेषज्ञों से लंबा उपचार कराया। पिता के पास उसके इलाज और दवाओं से जुड़े कई चिकित्सीय पर्चे व दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन निरंतर चिकित्सा के बावजूद उसके स्वभाव में आक्रामकता कम होने के बजाय बढ़ती चली गई।
अनियंत्रित व्यवहार के चलते 4 महीने से अलग फ्लैट में था ठिकाना
घर में लगातार बिगड़ते माहौल और किशोर के हिंसक होते बर्ताव को देखते हुए लगभग चार माह पूर्व परिजनों ने उसे विजन अपार्टमेंट से थोड़ी दूरी पर एक अलग कमरा किराए पर दिलाया था। पिता ही उसके रहने, भोजन और नियमित दवाओं का पूरा खर्च वहन कर रहे थे। अलग रहने के बावजूद वह अक्सर अपनी मां से मिलने की जिद किया करता था। 1 अक्टूबर की शाम भी वह मां से मिलने की बात पर अड़ गया, जिसके बाद उसे विजन अपार्टमेंट लाया गया। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह पारिवारिक मुलाकात चंद पलों में खूनी मोड़ ले लेगी।
मामूली विवाद में खोया आपा, सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार
फ्लैट में पहुंचने के कुछ ही देर बाद मां और बेटे के बीच किसी बात को लेकर तकरार शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि नाबालिग ने पूरी तरह मानसिक नियंत्रण खो दिया। उसने कमरे में रखी भारी लोहे की रेंज उठाई और मां के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। सिर पर गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
कत्ल के बाद पुलिस कंट्रोल रूम को दी सूचना, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी किशोर भागा नहीं, बल्कि उसने खुद मोबाइल उठाकर पुलिस कंट्रोल रूम (112) पर कॉल की और कहा, “मैंने अपनी मां को मार दिया है, आ जाइए।” सूचना मिलते ही नाका थाना पुलिस दल-बल के साथ विजन अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 में दाखिल हुआ और शव को कब्जे में लेते हुए किशोर को सुरक्षात्मक हिरासत में ले लिया। फॉरेंसिक फील्ड यूनिट ने मौके से खून के नमूने, उंगलियों के निशान और कत्ल में इस्तेमाल लोहे की रेंज को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के नाबालिग होने और मानसिक बीमारी के इतिहास को देखते हुए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के नियमों के तहत बाल मित्र वातावरण में उससे पूछताछ और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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