
वृंदावन धर्मनगरी वृंदावन में प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से सनसनी फैल गई है। प्रथम दृष्टया मामला चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मृतक का प्राइवेट पार्ट कटा होने की बात सामने आने के बाद यह पूरा प्रकरण अत्यंत पेचीदा और संदिग्ध हो गया है। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना ग्राइंडर बरामद किया है और मामले की हर पहलू से गहन जांच शुरू कर दी है।
चौथी मंजिल से छलांग लगाते दिखे, कमरे से मिला ग्राइंडर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इमारत में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दीपक टॉप फ्लोर से नीचे कूदते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया और उनका प्राइवेट पार्ट किस परिस्थिति में कटा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक खून से सना ग्राइंडर मिला है। आशंका जताई जा रही है कि छलांग लगाने से पहले इसी उपकरण से प्राइवेट पार्ट काटा गया होगा। पुलिस इस बात की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कर रही है कि यह कृत्य खुद दीपक ने किया था या फिर इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता है। कोतवाली प्रभारी अश्विनी कुमार के अनुसार, इमारत और उसके आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
जबलपुर से आकर 2015 में ली थी प्रेमानंद महाराज से दीक्षा
शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक दीपक मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। उन्होंने सितंबर 2015 में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ग्रहण की थी, जिसके बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया था।
दीपक पिछले कुछ समय से परिक्रमा मार्ग स्थित एक चार मंजिला इमारत में रह रहे थे, जिसमें प्रेमानंद महाराज के करीब 50 अन्य शिष्य भी निवास करते हैं। जानकारी के अनुसार, घटना के समय दीपक अपने कमरे में पूरी तरह अकेले थे।
परिजनों में कोहराम, मां बोलीं- पिछले साल हुई थी मुलाकात
घटना की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया है। मृतक की मां लोंग बाई पटेल ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब एक बजे फोन पर सूचना दी गई थी कि दीपक की तबीयत खराब है। उन्होंने बताया कि वह पिछले साल अपने बेटे से मिलने वृंदावन आई थीं और तब दीपक ने उन्हें पांच दिनों तक पूरे मथुरा-वृंदावन के दर्शन कराए थे।
अस्पताल की सूचना पर पहुंची पुलिस, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
सीओ संदीप सिंह ने बताया कि घटना की प्रारंभिक सूचना अस्पताल प्रशासन के जरिए पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने दीपक के कमरे और छलांग लगाने वाले स्थल से अहम भौतिक व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद ही इस रहस्यमयी मौत की असल वजह पूरी तरह साफ हो पाएगी।
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