Thursday , 24 September 2026

दिल्ली आस्था कुंज गैंगरेप कांड: खुद को पुलिस बताकर नाबालिग छात्रा से दरिंदगी, एलएलबी पास आरोपी ने धो डाले खून सने कपड़े; एनकाउंटर के बाद 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित 150 एकड़ में फैले आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ हुई हैवानियत के मामले में रूह कंपा देने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गोली लगने के बाद मुख्य आरोपी आसिफ (31) को दबोच लिया, जिसके बाद उसके दो अन्य साथियों हेमंत (31) और उसके सगे भाई मुकेश (24) को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की पूरी साजिश रची थी। इस खौफनाक वारदात के बाद पार्कों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवालों के बीच उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने कड़ा संज्ञान लेते हुए बड़े पैमाने पर सुरक्षा ऑडिट के आदेश जारी किए हैं।

मंदिर दर्शन के बाद टहलने गए थे पार्क, नकली पुलिसकर्मी बनकर आए दरिंदे वारदात सोमवार शाम करीब सात बजे की है। फरीदाबाद की रहने वाली 17 वर्षीय स्कूली छात्रा अपने दोस्त के साथ प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने आई थी। मंदिर से निकलकर दोनों बातचीत करते हुए पास ही स्थित आस्था कुंज पार्क के भीतर टहलने चले गए। इसी दौरान बचपन के दोस्त आसिफ, हेमंत और मुकेश वहां आ धमके। तीनों आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मी बताकर नाबालिग और उसके दोस्त पर रौब गालिब करना शुरू कर दिया। बदनामी का डर दिखाकर आरोपियों ने दोनों का मोबाइल से वीडियो बना लिया और धमकाने लगे।

दोस्त को बनाया बंधक, खंडहर में ले जाकर की हैवानियत आरोपियों की नीयत भांपते ही दोनों घबरा गए, लेकिन दरिंदों ने छात्रा के दोस्त को बंधक बनाकर एक जगह बैठा दिया। इसके बाद वे नाबालिग छात्रा को जबन घसीटते हुए पार्क के सुनसान कोने में बने एक जर्जर और वीरान मकान में ले गए। वहां तीनों ने बारी-बारी से छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दरिंदगी के बाद आरोपी पीड़िता को उसी हाल में छोड़कर फरार हो गए। बदहवास हालत में किसी तरह बाहर निकली पीड़िता ने अपने दोस्त के मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी, जिसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया।

एलएलबी कर चुका है आरोपी हेमंत, फॉरेंसिक सबूत मिटाने के लिए धोए कपड़े पुलिस की गहन तफ्तीश में आरोपियों की बेहद शातिराना करतूत का पर्दाफाश हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, गैंगरेप को अंजाम देने के बाद आरोपी हेमंत और उसका भाई मुकेश सीधे अपने घर पहुंचे। हेमंत कानून (LL.B) का कोर्स कर चुका है और कानूनी दांव-पेंचों से वाकिफ था। यही वजह रही कि फॉरेंसिक साक्ष्य, खून और डीएनए के निशान मिटाने के मकसद से उसने वारदात के वक्त पहने गए लोअर और अन्य कपड़ों को तुरंत धो डाला। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर अपराध से जुड़े वैज्ञानिक सबूत जुटाए जा रहे हैं।

150 एकड़ का विशाल पार्क, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ मुट्ठी भर गार्ड और अंधेरा इस दरिंदगी ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के पार्कों में सुरक्षा के दावों की कलई खोलकर रख दी है। 150 एकड़ में फैले आस्था कुंज जैसे विशाल पार्क की निगहबानी के लिए केवल 27 सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, जो तीन अलग-अलग शिफ्टों में बंट जाते हैं। यानी एक वक्त में इतने बड़े इलाके में महज चंद गार्ड ही मौजूद रहते हैं। जिस जर्जर इमारत के पास यह खौफनाक वारदात हुई, वहां स्ट्रीट लाइटें तक बंद पड़ी थीं। पार्क के कुल 8 गेटों में से केवल 4 खुले रहते हैं, लेकिन बाउंड्री वॉल कई जगहों से टूटी होने के कारण नशाखोर और असामाजिक तत्व आसानी से भीतर दाखिल हो जाते हैं।

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू का बड़ा एक्शन, एक हफ्ते में सुरक्षा ऑडिट का अल्टीमेटम आस्था कुंज की घटना और पार्कों की बदहाली को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने कड़ा रुख अपनाया है। एलजी ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए एक सप्ताह के भीतर राजधानी के सभी प्रमुख पार्कों का समग्र सुरक्षा ऑडिट पूरा करने का निर्देश दिया है। एलजी के निर्देशों के तहत पार्कों में पर्याप्त हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटिंग, नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और सभी सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे चालू रखने को कहा गया है। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए पार्कों में ‘पिंक पुलिस’ कर्मियों की तैनाती पर तेजी से काम करने तथा DDA व MCD को आरडब्ल्यूए, निजी व शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर पार्कों के रख-रखाव को दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं।

 

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